लखनऊ , जून 23 -- अलीगंज अग्निकांड में निलंबित फायर सेफ्टी स्टेशन आफिसर (एफएसएसओ) कमलेन्द्र कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है। उन्होंने घटना की सम्पूर्ण जिम्मेदारी लखनऊ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) पर तय करने की मांग की है।

पत्र में कमलेन्द्र कुमार सिंह ने लिखा कि 22 जून को कोचिंग सेंटर में लगी आग में 15 छात्रों की मृत्यु हुई। इस संदर्भ में उन पर की गई कार्यवाही अन्यायपूर्ण है क्योंकि एफएसएसओ का कार्यक्षेत्र सीमित है। उनका काम केवल स्थानीय निरीक्षण और रिपोर्टिंग तक सीमित है। उनके पास भवनों की फायर क्लीयरेंस देने या बड़े पैमाने पर सुरक्षा मानकों को लागू करने का अधिकार नहीं है।

एफएसएसओ ने कहा कि मुख्य जिम्मेदारी सीएफओ लखनऊ की है। सीएफओ ही पूरे शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था और भवनों को फायर क्लियरेंस देने के लिए जिम्मेदार होते हैं। जिस इमारत को आवासीय उपयोग के लिए पास किया गया था उसे वर्षों से अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग में लिया जा रहा था, यह तथ्य सीएफओ के संज्ञान में होना चाहिए था।

कमलेन्द्र ने पत्र में लिखा कि आग लगने के बाद दमकल प्रक्रिया में देरी और समन्वय की कमी सीएफओ की सीधी लापरवाही को दर्शाती है। उन्होंने मांग की कि उनके विरुद्ध की गई कार्यवाही पर पुनर्विचार किया जाए, घटना की सम्पूर्ण जिम्मेदारी लखनऊ सीएफ़ओ पर तय की जाए और सीएफओ के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्यवाही की जाए।

उन्हे शीघ्र न्याय एवं उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की भी मांग की। यह पत्र सोमवार को लिखा गया है और इस पर एफएसएसओ इंदिरानगर, लखनऊ के पद से हस्ताक्षर हैं।

गौरतलब है कि अलीगंज अग्निकांड में अब तक बिल्डिंग मालिक समेत चार आरोपी गिरफ्तार और चार अधिकारी निलंबित हो चुके हैं। मामले की जांच अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और अपर पुलिस प्रवीण कुमार की दो सदस्यीय टीम कर रही है।

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