लखनऊ , जुलाई 10 -- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अलीगंज के सेक्टर-डी में 25 जून को भीषण अग्निकांड से 15 छात्रों की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) कोर्ट ने विवादित इमारत को ध्वस्त करने की मंजूरी दे दी है। एलडीए के अनुसार जल्द ही भवन को गिराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया कि भवन का नक्शा आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था, लेकिन उसमें व्यावसायिक गतिविधियां और कोचिंग संस्थान संचालित किए जा रहे थे। साथ ही भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किया गया था।

प्रवर्तन जोन-4 की ओर से भवन मालिक वीरेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया।

एलडीए के संयुक्त सचिव अतुल कुमार ने तीन दिन तक चली सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया। सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था, जिसे शुक्रवार को सुनाया गया। हालांकि भवन स्वामी के पास इस आदेश के खिलाफ कमिश्नर कोर्ट और उसके बाद उच्च न्यायालय सहित अन्य सक्षम अदालतों में अपील करने का अधिकार है। ऐसे में यदि उच्च स्तर से कोई स्थगन आदेश नहीं मिलता है तो एलडीए ध्वस्तीकरण की तिथि तय कर इमारत को गिराने की कार्रवाई करेगा।

गौरतलब है कि 25 जून को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित इस भवन में भीषण आग लगने से 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद भवन की वैधता और निर्माण संबंधी अनियमितताओं की जांच शुरू की गई थी, जिसमें कई गंभीर उल्लंघन सामने आए।

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