अलवर , मार्च 17 -- राजस्थान में अलवर के अखैपुरा थाना क्षेत्र में लादिया मोहल्ले के पास सोमवार रात एक तेंदुए के देखे जाने से क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तेंदुआ एक कुत्ते का पीछा करते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। यह घटना देर रात की बताई जा रही है, जब तेंदुआ अचानक रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया। स्थानीय लाेगों ने बताया कि उनके घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए की तस्वीर कैद हुई है। वीडियो सामने आने के बाद आसपास के लोगों में डर का माहौल है और लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने में सावधानी बरत रहे हैं।

वन विभाग के अधिकारियों ने भी लोगों से सतर्क रहने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को तेंदुआ दिखाई देता है या उसकी कोई गतिविधि नजर आती है तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

वन विभाग के अनुसार यह इलाका सरिस्का बाघ अभयारण्य के बफर जोन के काफी नजदीक है। इसी कारण कई बार तेंदुआ शिकार की तलाश में आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है।

बताया जा रहा है कि अलवर के आसपास के जंगल में 10 से अधिक तेंदुए हैं। जंगल में बढ़ते अतिक्रमण और भूखंड कटने के चलते ये आबादी की ओर हो रुख कर लेते हैं। अलवर शहर में महल चौक के समीप किशन कुंड के पास भी तेंदुआ देखा गया है। ये ज्यादातर कुत्तों पर हमला करते हैं और उनके शिकार के लिए यह आबादी में घुस जाते हैं।

अलवर के सरिस्का के बफर जॉन में करीब 10 बाघ और उनके शावक मौजूद हैं। जिस तरह से तेंदुआ शहर में आ जाता है, उसी तरह संभावना व्यक्त की जा रही है कि बाघ भी शहर में आ सकता है। दरअसल अलवर के पुराने शहर से सटे हुए जयपुर रोड तक जंगल ही जंगल है। जहां इन बाघों की हलचल बनी रहती है। दो वर्ष पहले काला कुआं के पास जंगल से लगती हुई कॉलोनी में बाघ देखा गया था जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। उसके बाद यहां काफी दहशत का माहौल बना रहा। यह इलाका पर्यटकों के लिए भी खुला हुआ है जहां बाघ शहर के नजदीक हैं।

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