अलवर , मई 29 -- राजस्थान में अलवर साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
मामले की जांच कर रहे पुलिस उप निरीक्षक राजकुमार ने बताया कि अलवर के अपना घर शालीमार निवासी अशोक गुप्ता के साथ दिसंबर 2025 में करीब 12.5 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई थी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान बैंक खातों का विवरण निकलवाया गया, जिसमें सामने आया कि साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तार पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश से जुड़े हुए हैं। पुलिस जांच में मुख्य आरोपी बिहार का निवासी सामने आया है। इस पूरे गिरोह में कुल सात आरोपी शामिल बताये जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले निवासी उदय कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी एक फैक्ट्री में मजदूरी करता है। पुलिस जांच में सामने आया कि उसके नाम से बैंक खाता खुलवाया गया था, जिसे साइबर ठग हर महीने करीब एक हजार रुपये किराये के बदले इस्तेमाल करते थे। खाते में आने वाली ठगी की रकम पर आरोपी को कमीशन भी दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार साइबर ठगी करने वाला गिरोह गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। कई मामलों में खाताधारकों के फर्जी हस्ताक्षर करके खाते संचालित किये जाते थे। खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज खुद गिरोह के सदस्य अपने पास रखते थे और उन्हीं के जरिए ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता था।
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