अलवर , अक्टूबर 08 -- राजस्थान में अलवर के राजर्षि सर्किल का नाम बदलकर 'ज्योति कलश सर्किल' किए जाने की घोषणा के बाद इसका विरोध शुरू हो गया है।
गुरुवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सर्किल पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने कहा कि नाम बदलने का यह फैसला शहर की संस्कृति, सभ्यता और ऐतिहासिक परंपराओं से जुड़ी पहचान के साथ छेड़छाड़ है। उन्होंने सरकार से 'ज्योति कलश सर्किल' नामकरण की घोषणा को तत्काल रद्द करने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन में शामिल अलवर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अंकित गोयल ने राज्य सरकार और वन मंत्री संजय शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि राजर्षि नाम केवल एक सर्किल की पहचान नहीं, बल्कि अलवर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि अलवर को ऋषियों की भूमि के रूप में जाना जाता है और महाराजा जयसिंह को देश केकई बड़े शंकराचार्यों द्वारा 'राजर्षि' की उपाधि दिये जाने की बात कही जाती है।
श्री गोयल ने कहा कि शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और अलवर के विकास में महाराजा जयसिंह के योगदान को देखते हुए राजर्षि नाम की अपनी ऐतिहासिक पहचान है। उन्होंने कहा कि सरकार को नाम बदलने की बजाय शहर की मूल समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि 'ज्योति कलश सर्किल' नामकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया तो शहर कांग्रेस युवाओं और छात्रों के साथ मिलकर आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।
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