अलवर , मई 12 -- राजस्थान में गत 10 मई को अलवर के मिनी सचिवालय में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित प्रशासनिक बैठक में अलवर के जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर को बैठने की कुर्सी नहीं देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।

चौरासी जाट महासभा समिति के अध्यक्ष चौधरी बेगराज ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि जब तक अलवर जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला को नहीं बदला जायेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जिला प्रमुख के समर्थन में जाट समाज सामने आ गया है और उन्होंने सीधा हमला अलवर जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला पर बोलते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है की अलवर जिला कलेक्टर को यहां से बदला जाये। यह जाट समाज का अपमान है। एक जिला प्रमुख का अपमान है।

श्री बेगराज ने कहा किह कोई भी जिला प्रमुख उस जिले का प्रथम नागरिक होता है। अलवर जिला कलेक्टर द्वारा जानबूझकर उन्हें कुर्सी नहीं दी गयी। बैठक हॉल से बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि यह जिला प्रमुख के अपमान के साथ-साथ जाट समाज का अपमान है।

श्री बेगराज ने कहा कि उस बैठक में मुख्य सचिव, केंद्रीय मंत्री मौजूद होने के बावजूद भी उन्हें कुर्सी नहीं दी गयी और न ही उनकी नाम पट्टिका लगाई गयी। यह सीधा-सीधा लोकतंत्र पर हमला है और जानबूझकर ऐसा किया गया है, जबकि जिला प्रमुख उस जिले का पहला नागरिक होता है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अलवर आ रहे हैं। उन्हें जाट समाज द्वारा ज्ञापन दिया जाएगा। श्री बेगराज ने कहा कि उनके आश्वासन पर निर्भर करता है कि आगामी आंदोलन की रूपरेखा क्या होगी, क्योंकि हमारे प्रथम मांग यह है अलवर जिला कलेक्टर को बदल जाये जो लोकतंत्र का सम्मान नहीं कर सकते।

महासभा ने चेतावनी दी है कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान कलेक्टर के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

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