अलवर , अगस्त 26 -- राजस्थान में अलवर नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गयी है।
कांग्रेस ने चुनावी तैयारियां तेज करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अभी से जोड़तोड़ की राजनीति करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया है। विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार की मंशा चुनाव के बाद जोड़तोड़ के जरिए अपने अध्यक्ष बनाने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में सरकार की ओर से गड़बड़ी की आशंकासे इन्कार नहीं किया जा सकता।
श्री जूली ने कहा कि कांग्रेस चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है। अलवर में पार्टी के पर्यवेक्षक पहुंच चुके हैं और प्रत्येक वार्ड से तीन संभावित दावेदारों का पैनल तैयार किया जाएगा। यह पैनल प्रदेश नेतृत्व को भेजा जाएगा। प्रदेश प्रभारी रंधावा सहित वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जयपुर में निकाय चुनाव को लेकर विस्तृत मंथन हो चुका है। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित पदाधिकारियों ने टिकट दावेदारों को लेकर रायशुमारी की है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी इस बार जिताऊ और टिकाऊ उम्मीदवारों को ही टिकट देने पर जोर देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य अधिक से अधिक नगर निकायों में बोर्ड बनाना है और राजस्थान में कांग्रेस सबसे ज्यादा बोर्ड बनाएगी।
श्री जूली ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हैं और हर वार्ड में मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने चुनाव कार्यक्रम को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि नामांकन के लिए तीन दिन और प्रचार के लिए छह दिन का समय दिया गया है, जबकि चुनाव परिणाम के बाद सभापति के निर्वाचन के लिए सबसे अधिक समय रखा गया है।
श्री जूली ने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के पीछे सरकार की मंशा जोड़तोड़ के जरिए अपने अध्यक्ष बनाने की हो सकती है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार और पार्टी परिवारवाद की राजनीति कर रही है। कांग्रेस चुनाव में भाजपा की कथित जोड़तोड़ की कोशिशों का मजबूती से मुकाबला करेगी।
अब निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस के इन आरोपों ने अलवर सहित राजस्थान की सियासत को गरमा दिया है।
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