अलवर , अगस्त 05 -- राजस्थान में अलवर जिले के दो प्रमुख धार्मिक आयोजनों पाण्डुपोल हनुमानजी महाराज मेला और बाबा भर्तृहरि महाराज मेले की तैयारियों को लेकर बुधवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीएम) द्वितीय बीना महावर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित हुई।
बैठक में बताया गया कि 14 से 16 सितंबर तक पाण्डुपोल हनुमानजी महाराज का मेला और 17 से 19 सितंबर तक बाबा भर्तृहरि महाराज का मेला आयोजित होगा। एडीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से समयबद्ध तैयारियां पूरी करने, मेला मार्गों एवं सड़कों को दुरुस्त कराने, मजबूत बैरिकेडिंग करने, भर्तृहरि धाम के पुराने भवनों की जांच करके असुरक्षित भवनों में प्रवेश रोकने, बिजली के तार मानकों के अनुरूप ऊंचे करने और भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। साथ ही दोनों मेलों का विस्तृत नक्शा तैयार करने, रोडवेज बस मार्ग को अंतिम रूप देकर उसका प्रचार-प्रसार करने और पार्किंग की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया।
पाण्डुपोल मेले में रोडवेज बसों की पार्किंग उमरी तिराहा, टहला गेट और काली घाटी गेट के आसपास होगी, जबकि दोपहिया वाहन सरिस्का गेट के बाहर खड़े किये जायेंगे और उमरी तिराहे से मंदिर तक श्रद्धालुओं को पैदल जाना होगा।
वहीं भर्तृहरि मेले के दौरान अलवर-जयपुर मार्ग पर यातायात परिवर्तित रहेगा। अलवर से जयपुर जाने वाले वाहन कुशालगढ़-तालवृक्ष-नारायणपुर मार्ग से और जयपुर से अलवर आने वाले वाहन घाटा बांदरौल-नारायणपुर-तालवृक्ष-कुशालगढ़ मार्ग से संचालित होंगे। प्रशासन ने मेले में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, सीमित ध्वनि में लाउडस्पीकर के उपयोग, पर्याप्त रोडवेज बसों की व्यवस्था और दुर्घटना रोकने के लिए प्रवेश मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिये हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित