अलवर, अक्टूबर 10 -- राजस्थान मेंं अलवर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले अक्टूबर के राशन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

महीने की पहली तारीख से शुरू होने वाली राशन वितरण प्रक्रिया नौ अक्टूबर तक भी शुरू नहीं हो पाई। अक्टूबर का राशन आवंटित होने के बावजूद उचित मूल्य की दुकानों पर खाद्यान्न वितरण अटका हुआ है। ट्रांसपोर्ट एजेंटों की दरें बढ़ाने की मांग के चलते मामला जयपुर मुख्यालय में विचाराधीन है। जल्द फैसला नहीं हुआ तो उपभोक्ताओं को अक्टूबर का राशन नवंबर में मिलने की नौबत आ सकती है।

जिला रसद विभाग के अधिकारी महेश शर्मा ने शनिवार को बताया कि राशन वितरण शुरू कराने के लिए जयपुर मुख्यालय से लगातार समन्वय किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि 15 अक्टूबर तक वितरण शुरू कर दिया जाए। तब तक व्यवस्था पटरी पर नहीं आती है तो अक्टूबर के अंत तक राशन वितरण शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए अक्टूबर का राशन नवंबर में वितरित होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।

राशन वितरण में देरी की मुख्य वजह खाद्यान्न परिवहन की दरों को लेकर चल रहा मामला है। परिवहन लागत बढ़ने का हवाला देते हुए ट्रांसपोर्ट एजेंट दरों में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे हैं। इसी मांग के चलते वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अब पूरे मामले में जयपुर मुख्यालय के निर्णय का इंतजार है। जब तक परिवहन व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक राशन वितरण शुरू होने की तारीख पर अनिश्चितता बनी हुई है।

अलवर जिले में वर्तमान में 768 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं और 13 लाख से अधिक उपभोक्ता राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े हैं। ऐसे में वितरण में देरी का असर बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों पर पड़ सकता है। जिन परिवारों की मासिक जरूरतें सरकारी राशन पर निर्भर हैं, उन्हें खाद्यान्न के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है।

अक्टूबर में वितरण शुरू नहीं हो पाता है तो नवंबर में अक्टूबर और नवंबर के राशन का वितरण एक साथ कराने की स्थिति बन सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

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