अलवर , अगस्त 07 -- राजस्थान में अलवर जिले में पिछले तीन दिनों से जारी बारिश के दौर के बीच शुक्रवार सुबह से ही सावन की झड़ी लग गई है। लगातार हो रही झमाझम बारिश से जहां एक ओर भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बारिश के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं किसानों के चेहरे पर खुशी है, तो कहीं शहरवासी जलभराव और कच्चे मकानों के खतरे से चिंतित नजर आ रहे हैं।
बारिश की झड़ी ने अलवर नगर निगम के नाला सफाई और जल निकासी के तमाम दावों की हवा निकाल दी है। शहर के निचले इलाकों और मुख्य बाजारों में सड़कों पर नालियों और नालों का गंदा पानी उफान मारने लगा है।मुख्य मार्गों पर पानी भर जाने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नालियों की सही समय पर सफाई न होने के कारण नालियों का बदबूदार पानी कई जगहों पर दुकानों और रिहायशी मकानों के बाहर तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को आवागमन में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
शहर की बदहाली से इतर ग्रामीण अंचलों में यह बारिश वरदान बनकर आई है। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह सावन की झड़ी राहत लेकर आई है। खरीफ की फसलों को इस पानी से नया जीवनदान मिला है, जिससे पैदावार बेहतर होने की उम्मीद में किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के प्रमुख बांधों और जलाशयों में पानी की आवक तेजी से शुरू हो गई है। बारा बियर नदी में पानी की आवक शुरू हो गई है। ये नदी सरिस्का के जंगल से निकल रही है। लगातार बारिश से भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
लगातार तीन दिन से हो रही बारिश के कारण अब नुकसान की आहट भी सुनाई देने लगी है।लगातार नमी और पानी के रिसाव के कारण कच्चे मकानों और पुराने जर्जर निर्माणों के ढहने की आशंका बढ़ गई है।
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