अलवर , अगस्त 13 -- राजस्थान में अलवर को संभाग का दर्जा देने की मांग अब जनभावना का रूप लेती जा रही है।

अलवर जिला व्यापार महासंघ, पुरुषार्थी-परमार्थी समाज और प्रबुद्ध नागरिकों ने राज्य सरकार से अलवर को शीघ्र संभाग बनाने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि विशाल अलवर जिले के पुनर्गठन के बाद तीन जिले बनाये गये हैं, ऐसे में प्रशासनिक समन्वय और क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए इन जिलों को अलवर संभाग के अंतर्गत रखा जाना जरूरी है।

संगठनों ने कहा है कि अलवर में नगर निगम की स्थापना हो चुकी है और अलवर विकास प्राधिकरण की मांग भी लंबे समय से लंबित है। जनसंख्या, भौगोलिक विस्तार, औद्योगिक गतिविधियों, व्यापारिक महत्व और प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए अलवर संभागीय मुख्यालय बनने की सभी कसौटियों पर खरा उतरता है। एनसीआर में शामिल अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में औद्योगिक, शैक्षणिक और आधारभूत विकास की बड़ी संभावनाएं हैं।

व्यापार महासंघ और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि 16 अगस्त को गृहमंत्री अमित शाह के अलवर आगमन के दौरान यह मुद्दा उनके समक्ष प्रभावी रूप से रखा जाये। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सैद्धांतिक घोषणा करके वर्ष 2027-28 के बजट में अलवर संभाग के गठन का प्रावधान करने की मांग की गयी है।

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