रायपुर , सितंबर 04 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर को अलग राज्य बनाने की मांग को विकास विरोधी करार देते हुए कहा है कि डबल इंजन सरकार में नक्सलवाद के खात्मे का असंभव काम संभव हुआ है और ऐसी मांग करने वाले छत्तीसगढ़ की जनता के विरोधी हैं।

दो दिवसीय दिल्ली दौरे से शुक्रवार को रायपुर लौटे मुख्यमंत्री साय ने यहां पत्रकारों से बातचीत में अलग बस्तर राज्य की मांग से जुड़े सवाल पर कहा कि नक्सली बस्तर में सड़क, स्कूल और विकास कार्य नहीं होने देना चाहते थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति और जवानों के साहस से नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि बस्तर को अलग राज्य बनाने की मांग करने वाले विकास विरोधी बातें कर रहे हैं। ऐसी मांग करने वाले छत्तीसगढ़ की जनता के विरोधी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान जल शक्ति मंत्रालय की बैठक में हिस्सा लिया और केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि 'जल संचय जन भागीदारी अभियान' में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है और जल संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के पांच जिले देश के टॉप-10 जिलों में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि बारिश की हर बूंद को सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित करना सरकार का लक्ष्य है। प्रत्येक राज्य को अपनी परिस्थितियों के अनुरूप 'कैच द रेन प्लान' तैयार करना चाहिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के लिए 'स्टेट वाटर अवार्ड्स' शुरू करने का सुझाव भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक, नियमित मॉनिटरिंग और जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सकता है।

जन्माष्टमी के अवसर पर दिल्ली से लौटने पर रायपुर विमानतल पर बड़ी संख्या में लोगों ने बाजे-गाजे और गुलदस्ते के साथ मुख्यमंत्री साय का स्वागत किया इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश वाासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भी दी।

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