नयी दिल्ली , मई 24 -- अर्शदीप सिंह का आईपीएल 2026 अब तक साधारण रहा है। पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) जब जीत रही थी, तब भी वह अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखे और जब टीम लगातार हार रही थी, तब भी हालात अलग नहीं थे। शनिवार को लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के ख़िलाफ़ पंजाब ने आख़िरकार छह मैचों की हार का सिलसिला तोड़ा, लेकिन अर्शदीप फिर महंगे साबित हुए। अंबाती रायुडू ने उनकी लेंथ को समस्या बताया, जबकि मार्क बाउचर ने थकान को ख़राब प्रदर्शन को वजह माना।
एलएसजी ने शनिवार को 9.80 की रन रेट से बल्लेबाज़ी की। वहीं अर्शदीप ने 17.33 की इकॉनमी से रन दिए और उन्हें आख़िरी ओवर भी नहीं मिला।
रायुडू ने ईएसपीएन क्रिकइंफो टाइमआउट शो में कहा, "मुझे लगता है कि उनकी लेंथ सबसे बड़ी समस्या है। वह ऐसे गेंदबाज़ नहीं हैं जिन्हें बहुत ज़्यादा शॉर्ट गेंदें फेंकनी चाहिए। डेथ ओवरों में भी उन्हें यॉर्कर डालनी चाहिए। नई गेंद से भी जब उन्होंने फुल गेंदें डालीं। पहली गेंद को छोड़ दें, जो कवर के जरिए चौके के लिए गई, तो उनकी फुल लेंथ गेंदों पर उतने रन नहीं पड़े जितने शॉर्ट ऑफ़ लेंथ या शॉर्ट गेंदों पर पड़े।""उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा क्योंकि फ़िलहाल उनकी शॉर्ट गेंद में पहले जैसी धार नहीं दिख रही। शायद शरीर थका हुआ है या कुछ महीने पहले जैसी ऊर्जा नहीं बची। लेकिन इसकी भरपाई उन्हें फुल गेंदबाज़ी करके करनी होगी।"दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल 2025 की तुलना में इस सीजन अर्शदीप को फुल या गुड लेंथ गेंदों पर कम सफलता मिली है। पिछले साल ऐसी गेंदों पर उनके नाम 10 विकेट थे। साथ ही इस दौरान इकॉनमी 8.45 और औसत 24.5 था। इस सीजन उनके नाम सिर्फ़ सात विकेट हैं और उन्होंने 9.91 की इकॉनमी और 35.14 की औसत से गेंदबाज़ी की है।
शनिवार को हालांकि उनकी लगभग हर तरह की गेंद पर रन पड़े। रिकॉर्ड के मुताबिक, उन्होंने 18 में से 12 गेंदें फुल या लेंथ पर डालीं, जबकि सिर्फ़ छह गेंदें शॉर्ट या शॉर्ट ऑफ़ गुड लेंथ थीं। फिर भी रायुडू की बात सही लगती है क्योंकि अर्शदीप हमेशा तब ज़्यादा खतरनाक दिखे हैं जब उन्होंने गेंद को ऊपर रखा और हवा में स्विंग हासिल की।
अर्शदीप इस साल टी 20 विश्व कप में जसप्रीत बुमराह के बाद भारत के दूसरे प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ थे। उन्होंने टूर्नामेंट में आठ मैचों में नौ विकेट लिए थे और भारत के खिताब जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी इकॉनमी 8.46 रही थी।
लेकिन इस आईपीएल सीज़न में उनके आंकड़े काफ़ी फीके रहे हैं। 14 मैचों में उनके नाम सिर्फ़ 14 विकेट हैं और इकॉनमी 10.20 की रही है। वह इस सीजन 500 से ज़्यादा रन ख़र्च करने वाले सिर्फ़ दो गेंदबाज़ों में शामिल हैं। चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के अंशुल कम्बोज ने भी 500 से ज़्यादा रन ख़र्च किए हैं। उनके नाम 21 विकेट भी हैं।
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