रायपुर , अगस्त 11 -- छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्ना लाल के बेटे वैभव पन्ना लाल पर पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल के दौरान अपनी फर्म 'फर्स्ट हाउस' के माध्यम से मशीनों की कथित आपूर्ति में वित्तीय अनियमितता किए जाने का आरोप लगा है।

इस संबंध में शिकायतकर्ता नितिन लॉरेंस ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। यह जानकारी नितन लॉरेंस ने मंगलवार को दी।

शिकायतकर्ता नितिन लॉरेंस का दावा है कि वैभव पन्ना लाल की फर्म फर्स्ट हाउस ने पूर्व कांग्रेस शासनकाल में बड़ी मात्रा में मशीनों की सप्लाई की थी और इस प्रक्रिया में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की गई। शिकायत में कहा गया है कि यदि एसीबी-ईओडब्ल्यू द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जाती है तो कथित तौर पर करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकता है।

नितिन लॉरेंस ने अपनी शिकायत में छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष पर अपने बेटे के बैंक अकाउंट में विदेशी फंडिंग लिए जाने का भी दावा किया है। शिकायतकर्ता ने इस कथित विदेशी फंडिंग की भी जांच किए जाने की मांग की है। इसके अलावा शिकायत में अरुण पन्ना लाल के प्रदेश के विभिन्न राजनेताओं से कथित संबंधों की भी जांच का अनुरोध किया गया है।

शिकायत में लगाए गए आरोपों की हालांकि स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू की ओर से जांच अथवा कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष लाल को भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में रायपुर की सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार किया था। भाजपा पदाधिकारियों की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाने में अरुण पन्नालाल और हंसराज गोयल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है।

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