ईटानगर , मार्च 10 -- अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री चाउना मेन ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 701.43 करोड़ रुपये के घाटे का बजट पेश किया।

बजट पेश करते हुए श्री मेन ने कहा कि कुल 36,607 करोड़ रुपये के इस बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया है। बजट में उद्यमशीलता, शासन सुधार और आर्थिक स्थिरता पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।सरकार का लक्ष्य राज्य के सभी 16 लाख लोगों का समावेशी और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है। वर्ष 2026-27 के लिए बजट अनुमान 36,607 करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष (2025-26) के 39,842 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 8.1 प्रतिशत कम है।

उन्होंने कहा कि बजट में गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी व्यय पर जोर दिया गया है और दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने वाले उत्पादक व्यय को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने सदन को जानकारी दी कि पिछले बजट में की गई 91 प्रतिशत से अधिक घोषणाएं कार्यान्वयन के उन्नत चरणों में हैं। उन्होंने कहा कि बजट सहभागितापूर्ण प्रक्रिया के माध्यम से तैयार किया गया था, जिसमें 1,834 नागरिकों ने जन भागीदारी मंच के माध्यम से सुझाव दिए थे।

श्री मीन ने कहा कि 2026-27 का बजट छह प्रमुख बिंदु भविष्य की नींव की मजबूती - 2,038 करोड़ रुपये आवंटित, न-केंद्रित विकास - 3,320 करोड़ रुपये, आर्थिक विकास को बनाए रखना - 630 करोड़ रुपये, उद्यमिता और रोजगार - 307 करोड़ रुपये, संसाधन जुटाना और राजकोषीय स्थिरता और शासन और सुधार - 727 करोड़ रुपये हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अवसंरचना विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राज्य ग्रामीण सड़क कार्यक्रम के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। 84 करोड़ रुपये की लागत से नाहरलागुन-होल्लोंगी हवाई अड्डा सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि डोनी पोलो हवाई अड्डे के पास 90 करोड़ रुपये की लागत से एयरोसिटी और होल्लोंगी में पीपीपी मॉडल के तहत 100-150 कमरों वाले होटल के साथ एक कन्वेंशन सेंटर बनाने की योजना है। विद्युत क्षेत्र में, सुबनसिरी लोअर, दिबांग और एटलिन जैसी बड़ी पनबिजली परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। मार्च 2027 तक बिजली की लाइनों का जाल बिछाने का लक्ष्य है। राज्य सरकार मार्च 2027 तक 2,000 किमी 132 केवी लाइन और 2,000 किमी 33 केवी लाइन के साथ ट्रांसमिशन अवसंरचना का विस्तार करने की भी योजना बना रही है।

बजट में 'टोमो रीबा स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान संस्थान' में दिल के ऑपरेशन के लिए नए ऑपरेशन थिएटर बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, टेटो और नाफरा में जिला अस्पताल बनाए जाएंगे और सभी जिला अस्पतालों में चरणबद्ध तरीके से आपातकालीन और ट्रॉमा सेंटर खोले जाएंगे।

शिक्षा के क्षेत्र में कुछ चुनिंदा स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए 'गोल्डन जुबली स्कूल प्रोग्राम' को 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सरकार बच्चों की शुरुआती देखभाल और शिक्षा के लिए नई नीति लाएगी और कक्षा 1 से 8 तक के लिए स्थानीय भाषाओं में किताबें भी तैयार की जाएंगी।

सरकार महिला सशक्तीकरण के लिये 26 जिलों में कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल बनाएगी, जिस पर 188 करोड़ रुपये खर्च होंगे। महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों को शी-मार्ट्स के माध्यम से बढ़ावा दिया जाएगा। करीब 19,000 लड़कियों के लिए मुफ्त एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा है और भारत सरकार की मदद से हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे।

युवाओं के लिए 10 करोड़ रुपये का 'मुख्यमंत्री स्कूल खेल कार्यक्रम' शुरू किया जाएगा, जिससे 7,000 से ज्यादा विद्यार्थी जुड़ेंगे। साथ ही, अब 'अरुणाचल राज्य खेलों का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाएगा। गांवों में कमाई बढ़ाने के लिए सरकार 2027 तक 36,000 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर ताड़ की खेती का विस्तार करने की योजना बना रही है। बजट में कीवी और मशरूम मिशन को बढ़ाने, मिथुन और याक के पालन को बढ़ावा देने और 'मुख्यमंत्री श्वेत क्रांति 2.0' के तहत दूध के व्यापार को मजबूत करने का भी प्रस्ताव है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक 'द्वितीय विश्व युद्ध विरासत संग्रहालय' बनाया जाएगा और साहसिक पर्यटन पर ध्यान दिया जाएगा। पासीघाट में 'सियांग एडवेंचर एंड इको रिट्रीट' का काम 2026-27 तक पूरा हो जाएगा।

छोटे उद्योगों की मदद के लिए 'अरुण एमएसएमई मिशन' शुरू होगा और 'एक जिला एक उत्पाद' के जरिये स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। 'स्वावलंबन योजना' के तहत 2,500 से ज्यादा लोगों को खुद का काम शुरू करने के लिए 200 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, और स्टार्टअप उद्यमों के विकास के लिये 'अरुणाचल प्रदेश स्टार्टअप मंच' बनाया जाएगा।

प्रशासन के कामकाज में सुधार के लिये सभी विभागों में ई-एचआरएमएस लागू होगा और ई-इनर लाइन परमिट सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। पुलिस के बुनियादी ढांचे के लिए अगले चार सालों में 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। टैक्स चोरी रोकने और सिस्टम को डिजिटल बनाने पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।

श्री मेन ने कहा कि इस बजट का मकसद समाज के हर तबके को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार देकर अरुणाचल प्रदेश के विकास की मजबूत नींव रखना है।

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