ईटानगर , मई 29 -- भारतीय सेना की गजराज कोर ने राष्ट्रीय याक अनुसंधान केंद्र तथा तवांग जिले के मागो-थिम्बू क्षेत्र के स्थानीय समुदायों के सहयोग से 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित मनोरम चुना हाई ग्राउंड में आयोजित याक मेला-2026 का आयोजन किया।
इस आयोजन में स्थानीय समुदायों और याकों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का उत्सव मनाया गया। मेले में पारंपरिक याक पालन पद्धतियों तथा क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी प्रदर्शन किया गया।
मेले में याक संरक्षण और अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम के तहत गजराज कोर ने मागो और हाइडल गांवों के निवासियों के लिए एक चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया। शिविर में 100 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठाया। इस पहल का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों की आबादी के बीच विश्वास, सहयोग और सामुदायिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने याक संरक्षण और सीमावर्ती समुदायों के समर्थन के लिए गजराज कोर के प्रयासों की सराहना की। सोशल मीडिया पर जारी संदेश में श्री खांडू ने कहा कि चुना हाई ग्राउंड में आयोजित याक मेला-2026 के माध्यम से गजराज कोर द्वारा हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और सीमा क्षेत्रों के समुदायों के साथ संबंध मजबूत करने के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा, "14,000 फीट की ऊंचाई पर संस्कृति, परंपरा और धैर्य का यह उत्सव हमारे जीवंत सीमावर्ती गांवों की भावना को प्रतिबिंबित करता है। मागो और हाइडल के लोगों के लिए आयोजित चिकित्सा शिविर भी अत्यंत प्रशंसनीय है और यह नागरिक-सैन्य समन्वय तथा राष्ट्र सेवा की वास्तविक भावना को दर्शाता है।"मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय याक अनुसंधान केंद्र, दिरांग और स्थानीय समुदायों की भी सराहना करते हुए कहा कि यह पहल क्षेत्रीय विरासत के संरक्षण और सीमावर्ती क्षेत्रों के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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