नयी दिल्ली , अक्टूबर 30 -- भगवान बुद्ध के पवित्र पिपराहवा अवशेष 31 अक्टूबर से 21 नवंबर तक अरुणाचल प्रदेश के तवांग, बोमडिला और नामसाई में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखे जायेंगे।
अधिकारिक सूचना के अनुसार संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत 31 अक्टूबर को तवांग मठ में प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। राष्ट्रीय संग्रहालय, नयी दिल्ली में सुरक्षित अवशेषों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान और हेलीकॉप्टर से अरुणाचल प्रदेश पहुंचाया जायेगा। तवांग में एक से सात नवंबर, बोमडिला में आठ से 13 नवंबर और नामसाई में 14 से 20 नवंबर तक सार्वजनिक दर्शन होंगे। अवशेष 21 नवंबर को राष्ट्रीय संग्रहालय वापस लाये जायेंगे।
इस दौरान दो नवंबर को तवांग में 'बौद्ध धर्म: हिमालयी क्षेत्र और उससे आगे प्रसार' विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा जिसमें भारत सहित सात देशों के भिक्षु, विद्वान और प्रतिनिधि भाग लेंगे। तीनों स्थानों पर पिपराहवा की पुरातात्विक खोज और अवशेषों के इतिहास पर विशेष प्रदर्शनी भी लगायी जायेगी।
पिपराहवा उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में स्थित है और प्राचीन कपिलवस्तु से जुड़ा माना जाता है। वर्ष 1898 में यहां खुदाई के दौरान अस्थि अवशेष मिले थे। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य बौद्ध विरासत के संरक्षण तथा भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और अहिंसा के संदेश को बढ़ावा देना है।
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