ईटानगर , अगस्त 11 -- राष्ट्रव्यापी 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के.टी. परनाईक ने मंगलवार को यहां लोक भवन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा।

राज्यपाल की इस पहल का उद्देश्य 80वें स्वतंत्रता दिवस के उत्सव के दौरान अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना और तिरंगे द्वारा दर्शाये जाने वाले मूल्यों को सुदृढ़ करना है।

श्री परनाईक ने ध्वज सौंपते हुए अधिकारियों से अपने परिवारों और समुदायों में देशभक्ति का प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "आज जब आप तिरंगे को घर ले जायें, तो इसके साथ राष्ट्रीय एकता, नागरिक जिम्मेदारी और हमारे महान राष्ट्र के प्रति गर्व की भावना भी साथ ले जायें। हर घर में यह ध्वज फहराया जाए और हर दिल उन आदर्शों को संजोकर रखे जिनका यह प्रतिनिधित्व करता है।"राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज एक प्रतीक से कहीं अधिक है, क्योंकि यह भारत की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने वाले अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के साहस, त्याग और अटूट संकल्प का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने परिवारों से गर्व से तिरंगा फहराने और बच्चों तथा युवाओं को इसके इतिहास, महत्व और एकता, अखंडता व राष्ट्र सेवा के मूल्यों के बारे में शिक्षित करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर घर तिरंगा' अभियान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह एक जन आंदोलन में बदल गया है। इस अभियान ने नागरिकों और राष्ट्रीय ध्वज के बीच भावनात्मक बंधन को मजबूत किया है तथा राष्ट्रीय गौरव की भावना को बढ़ावा दिया है। उन्होंने नागरिकों से गरिमा के साथ और भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार तिरंगा फहराने का भी आह्वान किया। ध्वज का स्थान हमेशा सम्मानजनक होना चाहिए और इसे जमीन को छूने नहीं देना चाहिए, न ही इसका उपयोग सजावट के रूप में किया जाना चाहिए या इसे क्षतिग्रस्त स्थिति में प्रदर्शित किया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने लोक भवन के अधिकारियों को सलाह दी कि वे उत्सव के बाद राष्ट्रीय ध्वज को सावधानीपूर्वक मोड़ें और सम्मानपूर्वक सुरक्षित रखें तथा यदि यह उपयोग के योग्य न रहे, तो भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार इसका गरिमापूर्ण निपटान सुनिश्चित करें।

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