ईटानगर , मार्च 12 -- अरुणाचल प्रदेश के गृहमंत्री मामा नटुंग ने गुरुवार को विधानसभा को बताया कि पिछले पांच सालों में तिरप-चांगलांग-लोंगडिंग इलाके में उग्रवाद से जुड़ी हिंसा में काफी कमी आई है और यह सुरक्षा बलों के बीच बेहतर तालमेल तथा भटके हुए युवाओं के आत्मसमर्पण करने की वजह से हुआ है।

विधायक होनचुन नगंडम के पूरक सवाल का जवाब देते हुए श्री नटुंग ने कहा कि टीसीएल इलाके में चल रहे अलग-अलग उग्रवादी संगठनों के 168 कार्यकर्ता इस दौरान आत्मसमर्पण करके समाज के मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। उन्होंने सदन को बताया कि पिछले पांच सालों में इस इलाके में सिर्फ तीन आम लोगों के मारे जाने की खबर है।

श्री नटुंग ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में कोई भी लोकल भूमिगत संगठन नहीं है। उन्होंने भटके हुए युवाओं से समाज के मुख्य धारा में शामिल होने और इज्ज़त के साथ टिकाऊ रोज़गार करके सामान्य जीवन जीने की अपील की।

लोअर दिबांग वैली जिले में डंबुक थाना के तहत पगलाम पुलिस बीट आउटपोस्ट को सी-क्लास थाना में अपग्रेड करने के बारे में डंबुक विधायक पुइन्यो अपुम के एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर अभी विचार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस इलाके में डकैती, अपहरण या भूमिगत गतिविधियों जैसे बड़े अपराध नहीं हुए हैं और पिछले पांच सालों में डंबुक थाना में सिर्फ 22 मामले दर्ज हुए हैं। उन्होंने हालांकि कहा कि पगलाम आउटपोस्ट पर पुलिसवालों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

विधायक चाउ ज़िंगनु नामचूम के पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि नामसाई थाना को अद्यतन करने पर विभाग सक्रिय रूप से विचार कर रहा है। नगंडम के एक और सवाल के जवाब में श्री नटुंग ने कहा कि विभाग ज़रूरत के आधार पर पोंगचौ और वक्का थानों या राज्य भर के किसी भी दूसरे थानों पर और पुलिसवालों को तैनात करने की ज़रूरत की जांच करेगा।

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