अलवर , अगस्त 06 -- राजस्थान में अरावली पर्वतमाला के संरक्षण, सीमांकन और भविष्य को लेकर शुक्रवार को अलवर में आयोजित हो रहे अहम जन परामर्श कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति पहली बार सीधे आमजन, पर्यावरणविदों, खनन क्षेत्र से जुड़े लोगों और प्रभावित ग्रामीणों से सुझाव लेगी।
इस कार्यक्रम में दिये गये सुझाव समिति की उस रिपोर्ट का हिस्सा बन सकते हैं, जिसे 31 अगस्त तक उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना है। यह समिति छह से 10 अगस्त तक अरावली क्षेत्र का विस्तृत दौरा करके अरावली की परिभाषा, वैज्ञानिक सीमांकन, पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सतत खनन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अध्ययन कर रही है।
जन परामर्श कार्यक्रम सात अगस्त को पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे से दोपहर एक बजे तक सर्किट हाउस, अलवर के पीछे स्थित लॉन में आयोजित किया जाएगा। यहां समिति विभिन्न हितधारकों से लिखित और मौखिक सुझाव एवं अभ्यावेदन स्वीकार करेगी।
प्रशासन ने अलवर तहसील के मंगलवास, तेहडपुर, उलाहेड़ी, राजगढ़ तहसील के बहाली और भांकरी, टहला तहसील के मल्लाना, गोरधनपुरा, कालवाड़, खोह-पालपुर, थाना दुन्दपुरी क्षेत्र और खैरथल-तिजारा के ग्रामीणों से बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी बात रखने का आग्रह किया है।
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