बैतूल , अक्टूबर 17 -- पिता की आज्ञा, त्याग और भक्ति के त्रिवेणी संगम के बीच मध्य प्रदेश के बैतूल में आयोजित 69वें रामलीला उत्सव के सातवें दिन शुक्रवार रात मंचित प्रसंगों ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं। श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक उत्सव में रीवा के कलाकारों ने 'दशरथ प्रतिज्ञा', 'कैकेयी-संवाद', 'राम वनवास' और 'केवट संवाद' का ऐसा जीवंत मंचन किया कि पूरा पंडाल राममय और करुणा से ओतप्रोत हो गया।
मंचन की शुरुआत मंथरा के बहकावे में आई रानी कैकेयी के उन दो कठोर वरदानों से हुई, जिसमें उन्होंने भरत के लिए राजतिलक और श्रीराम के लिए 14 वर्ष के वनवास की मांग रखी। एक तरफ 'रघुकुल रीति सदा चलि आई, प्राण जाहुं पर वचन न जाही' का संकल्प था, तो दूसरी तरफ पुत्र वियोग में तड़पते राजा दशरथ का धर्मसंकट। कलाकारों ने राजा दशरथ की लाचारी और मार्मिकता को बेहद जीवंतता से पर्दे पर उतारा।
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