चंडीगढ़ एक नवंबर (वार्ता) हरियाणा के ऊर्जा परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला की धरती ऐतिहासिक और पवित्र है। यहां 10 मई 1857 को मेरठ से नौ घंटे पहले अम्बाला में पांचवीं और 60वीं नेटिव इंफेंट्री के सैनिकों ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल बजाया था। आजादी की पहली लड़ाई में अम्बाला की भूमिका पर प्रत्येक प्रदेशवासी को गर्व होना चाहिए।
श्री विज रविवार को अम्बाला छावनी स्थित बीपीएस प्लेनेटोरियम में 5 नवंबर को होने वाले शहीद स्मारक के उद्घाटन समारोह की तैयारियों को लेकर आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 नवंबर को 1857 की क्रांति को समर्पित शहीद स्मारक का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने हाल ही में गृह मंत्री से मुलाकात कर उन्हें स्मारक के बारे में जानकारी दी थी, जिस पर श्री शाह ने इसकी सराहना की।
श्री विज ने कहा कि वह पिछले करीब 30 वर्षों से अम्बाला छावनी में 1857 के शहीदों की याद में स्मारक बनाने की मांग उठा रहे थे। करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एशिया का सबसे बड़ा शहीदी स्मारक है। इसमें 22 गैलरियां बनाई गई हैं, जिन्हें देखने के लिए लगभग छह घंटे का समय लगेगा। स्मारक में गुमनाम शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष गैलरी भी बनाई गई है। यहां श्रद्धांजलि देने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्मारक परिसर में 63 मीटर ऊंचा कमल स्तंभ बनाया गया है। 1857 की क्रांति के दौरान सैनिकों के बीच गुप्त संदेश पहुंचाने के लिए कमल का फूल और रोटी इस्तेमाल किए जाते थे। इसी ऐतिहासिक प्रतीक को ध्यान में रखते हुए इसका निर्माण किया गया है।
अनिल विज ने कहा कि अम्बाला छावनी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। शहर की तरक्की में पर्यटकों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने चंडीगढ़ की तर्ज पर अम्बाला में टूरिस्ट बस चलाने का प्रस्ताव भी रखा। इसके माध्यम से पर्यटकों को शहीद स्मारक, साइंस सेंटर, बैंक स्क्वेयर, सुभाष पार्क और सदर बाजार की सैर कराई जा सकेगी।
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