लखनऊ , मार्च 20 -- प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अमोनिया गैस की आपूर्ति में आई बाधा को केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से मात्र दो दिन के अंदर दूर कर लिया गया है। इससे प्रदेश के आलू किसानों और शीतगृह संचालकों को बड़ी राहत मिली है।
श्री सिंह ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से कहा कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश में आलू का उत्पादन बेहतर रहा है और सरकार ने पहले से ही इसके भंडारण और विपणन की तैयारियां कर ली थीं। हालांकि, अचानक उर्वरक कंपनियों द्वारा अमोनिया गैस की आपूर्ति रोक दिए जाने से प्रदेश के 2357 शीतगृहों में रखे लगभग 150 लाख मीट्रिक टन आलू के खराब होने का खतरा पैदा हो गया था।
उन्होंने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में तत्काल केंद्र सरकार से संपर्क किया गया। रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हस्तक्षेप के बाद अमोनिया गैस की आपूर्ति बहाल कर दी गई। इससे संभावित बड़े कृषि संकट को समय रहते टाल लिया गया।
दिनेश प्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की तत्परता से लाखों किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सका है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के अधिशेष आलू के बेहतर विपणन के लिए अन्य राज्यों से समन्वय किया जा रहा है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा, उद्यान निदेशक वी.पी. राम, संयुक्त निदेशक राजीव सिंह सहित शीतगृह संचालक संघ और किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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