नयी दिल्ली , जून 04 -- भारत और अमेरिका के बीच फरवरी में घोषित विपक्षीय व्यापार समझौते पर आगे की बातचीत के लिए आए अमेरिकी अधिकारियों के दल के साथ चार दिन चली बैठकों का सिलसिला गुरुवार को संपन्न हो गया और इस दौरान दोनों पक्षों में सार्थक बातचीत हुई।
बैठक के बाद जारी एक विज्ञप्ति में वाणिज्य मंत्रालय ने कहा,"व्यापार समझौते पर चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए, अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूटीआर) के मुख्य वार्ताकार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 1 से 4 जून, 2026 तक भारत का दौरा किया। इस दौरे के दौरान, दोनों टीमों ने वस्तुओं के व्यापार, गैर-टैरिफ उपायों, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, आर्थिक सुरक्षा की आवश्यकताओं के साथ समन्वय और पारस्परिक हित के अन्य क्षेत्रों सहित कई मुद्दों पर रचनात्मक और सकारात्मक चर्चा की।"विज्ञप्ति में कहा गया कि इन वार्ताओं में सहयोग एवं व्यावहारिकता की भावना की झलक दिखी तथा दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने वाले पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को अंतिम रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
उल्लेखनीय है कि दोनों देशों ने गत 7 फरवरी, को एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर पारस्परिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार से संबंधित एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा पर सहमति व्यक्त कर चुके हैं । इसकी प्रस्तावित व्यवस्थाओं के अंतर्गत एक व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते की वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की गयी है।
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच यह समझौता उसे समय हुआ जब कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के खिलाफ ऊंचे शुल्क के साथ-साथ रूस से कच्चा तेल खरीदने के खिलाफ दंडात्मक शुल्कलगा रखा था।
समझौते के बाद अमेरिका ने दंडात्मक शुल्क तुरंत समाप्त कर दिया जबकि अमेरिका की उच्चतम संघीय अदालत ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए कई शुल्कों को उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए निरस्त कर दिया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अमेरिका के साथ बातचीत में वहां की अदालत के फैसले से उत्पन्न नयी परिस्थितियों को भी सामने में रखा जा रहा है।
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