नयी दिल्ली , मार्च 11 -- भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने वैश्विक तेल बाजारों को स्थिर करने में भारत की भूमिका की प्रशंसा करते हुए इस बात पर जोर दिया है कि लाभ के लिए 'बाजार की स्थिरता' के मद्देनजर दोनों देशों को 'कंधे से कंधा मिलाकर' काम करने की आवश्यकता है।
श्री गोर ने बुधवार को कहा, "दुनिया भर में तेल की कीमतों को स्थिर बनाये रखने में भारत एक बेहतरीन साझेदार रहा है। अमेरिका यह स्वीकारता है कि रूसी तेल की जारी खरीद इसी प्रयास का हिस्सा है। भारत तेल के सबसे बड़े उपभोक्ताओं और रिफाइनरों में से एक है और अमेरिकियों तथा भारतीयों के लिए बाजार की स्थिरता के लिए अमेरिका तथा भारत का मिलकर काम करना अनिवार्य है।"उन्होंने उल्लेख किया कि अमेरिका वैश्विक ऊर्जा बाजारों को संतुलित रखने के व्यापक प्रयासों के हिस्से के रूप में भारत के रूसी तेल की निरंतर खरीद को मान्यता देता है।
अमेरिकी राजदूत का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका में लगभग पांच दशकों में पहली नयी तेल रिफाइनरी बनाने की योजना की घोषणा के बाद आया है। इस प्रस्तावित परियोजना में रिलायंस इंडस्ट्रीज का 300 अरब डॉलर (करीब 27600 अरब रुपये) का भारी निवेश शामिल है और यह टेक्सास में स्थित होगी।
सोशल मीडिया पर श्री ट्रंप ने कहा कि इस रिफाइनरी को टेक्सास के पोर्ट ऑफ ब्राउनविले में 'अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग' विकसित करेगा, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज की निवेश भागीदारी होगी।
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