नयी दिल्ली , सितंबर 22 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से रूस से तेल तथा गैस खरीदारों को निशाना बनाने वाले अमेरिका के नये प्रतिबंध कानून को खारिज करने का आग्रह करते हुए कहा है कि किसी को भारत की विदेश और आर्थिक नीतियों पर अपनी मर्जी थोपने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

माकपा पोलित ब्यूरो ने मंगलवार को यहां एक बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 18 सितंबर को हस्ताक्षर कर बने कानून की आलोचना करते हुए कहा कि इसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार दिया गया है। पार्टी ने कहा कि यह व्यापार को 'हथियार' बनाने और अन्य देशों की संप्रभुता का उल्लंघन करने का प्रयास है।

माकपा ने कहा कि जुलाई 2026 में भारत के कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से अधिक थी और आपूर्ति में व्यवधान या महंगे ढंग से स्रोत बदलने से ईंधन की कीमतें तथा महंगाई बढ़ सकती है। उसने सरकार से वाशिंगटन के समक्ष मुद्दा उठाने और कानून निरस्त कराने की मांग करने का आग्रह किया।

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