वाशिंगटन , जून 30 -- अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि चुनाव के दिन के बाद मिलने वाले डाक मतपत्रों को भी गिना जा सकता है, बशर्ते उन पर चुनाव वाले दिन या उससे पहले का डाक टिकट लगा हो। कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा इस नियम के खिलाफ दी गई चुनौती को बहुत ही कम अंतर (5-4) से खारिज कर दिया।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने मिसिसिपी राज्य के उस कानून को सही ठहराया है, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई डाक मतपत्र चुनाव के दिन या उससे पहले पोस्ट कर दिया गया है और वह मतदान के पांच दिनों के भीतर विभाग को मिलता है, तो उसकी गिनती की जाएगी।

यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिक पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है। उनका तर्क था कि देश के कानून के मुताबिक, मतदान के दिन तक ही सारे मतपत्र मिलने चाहिए। डाक मतपत्रों के पुराने विरोधी रहे श्री ट्रंप ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे बहुत बड़ा नुकसान बताया और मतदान के नियमों को और कड़ा करने की मांग की।

बहुमत की ओर से फैसला लिखते हुए न्यायाधीश एमी कोनी बैरेट ने साफ किया कि चुनावी कानून चुनाव का दिन तो तय करते हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं करते कि मतपत्र उसी दिन मिल ही जाएं। उन्होंने कहा कि कानून में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है और अदालत अपनी तरफ से शब्दों को नहीं जोड़ सकती।

दूसरी तरफ, इसके विरोध में न्यायाधीश सैमुअल अलिटो ने तर्क दिया कि चुनाव के दिन के बाद भी मतपत्र स्वीकार करने से चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा कम हो सकता है और इससे गड़बड़ी की आशंका बढ़ती है।

यह पूरा मामला मिसिसिपी के नियम के खिलाफ रिपब्लिक पार्टी की एक अर्जी से शुरू हुआ था। ट्रंप प्रशासन के समर्थन से रिपब्लिक नेताओं का कहना था कि 1845 के एक पुराने कानून के तहत मतदान के दिन ही सारे मतपत्र आ जाने चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने उनके इस तर्क को खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद कैलिफोर्निया, नेवादा, वर्जीनिया, टेक्सास और अलास्का जैसे कई राज्यों में चुनाव के बाद भी डाक मतपत्र स्वीकार करने का नियम सुरक्षित रहेगा।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री ट्रंप ने सांसदों से 'सेव अमेरिका एक्ट' पास करने की अपील की, जिसमें मतदाताओं के लिए फोटो पहचान पत्र और नागरिकता का सबूत जरूरी करने तथा डाक से वोट डालने की व्यवस्था को सिर्फ बीमारी या मजबूरी जैसी खास स्थितियों तक ही सीमित करने की बात कही गई है। श्री ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस कड़े नियम का विरोध करने का मतलब सिर्फ धोखाधड़ी को बढ़ावा देना है।

फैसले के बाद व्हाइट हाउस में श्री ट्रंप ने इस फैसले को ईमानदार चुनावों के लिए नुकसानदेह बताया। हालांकि, विरोध के बावजूद उन्होंने खुद इस साल की शुरुआत में फ्लोरिडा के एक चुनाव में डाक के जरिए ही अपना वोट डाला था।

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