नयी दिल्ली , अप्रैल 23 -- विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर वार्ता तेज कर दी है। यह "रचनात्मक" बातचीत वाशिंगटन में हो रही है जिसका उद्देश्य संतुलित और भविष्य पर आधारित समझौता करना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वार्ता का ध्यान पारस्परिक चिंताओं और प्राथमिकताओं का समाधान निकालने पर है, साथ ही 2030 तक 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "भारत से एक टीम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वार्ता के लिए वाशिंगटन गई है। ये वार्ताएं रचनात्मक हैं। दोनों पक्ष एक संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और भविष्य उन्मुख व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं, जिसमें एक-दूसरे की चिंताओं और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा जा रहा है, और 2030 तक 500 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।"भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी एक दिन पहले पुष्टि की थी कि भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह अमेरिका में है और वार्ता को समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में "एक बड़ा कदम" बताया। सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए "विन-विन" होगा।
भारत के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन कर रहे हैं। इसमें वाणिज्य, सीमा शुल्क और विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हैं।
यह चर्चा वैश्विक टैरिफ संरचनाओं में बदलाव और पश्चिम एशिया में जारी तनाव से जुड़े ऊर्जा बाजार की अस्थिरता के बीच हो रही है।
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