श्रीगंगानगर , जुलाई 03 -- राजस्थान में केन्द्र सरकार द्वारा अमेरिकी सरकार के साथ किये जा रहे व्यापार समझौते के विरोध में किसानों ने एक मत होकर बड़ा आंदोलन करने का फैसला लिया है।

चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में गुरुवार को 112 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई इसमें राजस्थान के प्रतिनिधित्व के तौर पर ग्रामीण मजदूर किसान समिति (जीकेएस) के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह राजू प्रदेश महासचिव संतवीर सिंह मोहनपुरा और श्रीगंगानगर जिलाध्यक्ष रामकुमार सहारण आदि ने शिरकत की।

बैठक में शामिल होकर वापस आये इन किसान नेताओं ने आज बताया कि अमेरिका के साथ भारत की कृषि और डेयरी उत्पादों पर होने वाली स्वतंत्र व्यापार समझौता (एफटीए) का किसान पूरे देश में पुरजोर विरोध कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा गुरुवार को चंडीगढ़ के किसान भवन में आयोजित अहम बैठक में देशभर के 112 किसान संगठनों ने इस समझौते का एक स्वर में विरोध किया और कहा कि सरकार ने इसे रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाये, तो बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी।

जीकेएस के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह राजू, प्रदेश महासचिव संतवीर सिंह और मोहनपुर जिलाध्यक्ष रामकुमार सहारण ने बताया कि इस व्यापार समझाैते का मसौदा तैयार हो चुका है। अगर यह समझौता लागू हुआ तो अमेरिका बिना किसी कर और कम लागत पर अपना कृषि एवं डेयरी उत्पाद भारत में बेच सकेगा। यहां तक कि 'फेंक' सकेगा। इससे भारतीय किसानों की उपज का बाजार पूरी तरह प्रभावित होगा।

किसान नेता ने कहा, " भारतीय किसान पहले ही कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। अगर फसल के दाम गिर गये और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिला तो उसकी जमीन बिकने के कगार पर पहुंच जाएगी। किसान पूरी तरह तबाह हो जाएगा। इस समझौते से न केवल किसान, बल्कि मजदूर, छोटे व्यापारी और पूरा बाजार व्यवस्था प्रभावित होगी।"बैठक में सभी संगठनों ने इस मुद्दे को बेहद गंभीर माना। तय किया गया कि 15 जुलाई को ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इक्कीस जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर देशभर से किसान एकत्र होकर सरकार को सद्बुद्धि देने का आग्रह करेंगे।

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