वाराणसी , मार्च 6 -- बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री शुक्रवार को काशी पहुंचे। उन्होंने कहा कि अविनाशी काशी की पावन भूमि पर आना उनका सौभाग्य है और यहां उन्हें मां गंगा तथा बाबा विश्वनाथ को दंडवत प्रणाम करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पूरे विश्व में युद्ध का खतरा मंडरा रहा है, लेकिन भारत ही ऐसा देश है जहां से सनातन की ध्वनि विश्व को शांति का मार्ग दिखा सकती है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका के सत्ताधीश बड़े विचलित व्यक्ति हैं और उन पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सुबह कुछ और बोलते हैं और शाम को कुछ और, इसलिए उन पर विश्वास करना उचित नहीं है। भारत की नीति ऐसी होनी चाहिए कि जो उपलब्धियां प्राप्त हो चुकी हैं, उन्हें सुरक्षित रखा जाए और सही तरीके से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में यह अधिक महत्वपूर्ण है कि देश यह तय करे कि क्या नहीं करना है।

शंकराचार्य के गो-रक्षा अभियान के संबंध में उन्होंने कहा कि वह सभी संतों के अभियानों से जुड़े हैं। जो भी सनातन, गो-माता, गंगा, गीता और गोविंद के कार्य में लगे हैं, वह उनके सेवक हैं।

यूजीसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देश को जोड़ने की आवश्यकता है, तोड़ने की नहीं। इस विषय पर पुनर्विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में खाई और दीवारें खड़ी करने के बजाय सभी को एकता के सूत्र में पिरोने का प्रयास होना चाहिए।

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