पेरिस , जून 18 -- अमेरिका और ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर दिया।
इस समझौत पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के दौरान पेरिस के वर्सेल्स पैलेस में दस्तख़त किये, जबकि ईरान के राष्ट्रपति पजशकियान ने तेहरान में हस्ताक्षर किये। दोनों नेताओं के हस्ताक्षर के बाद भारतीय समय के मुताबिक गुरुवार सुबह पांच बजे से यह समझौता प्रभावी हो गया।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार 14 सूत्रीय समझौते में कहा गया है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। साथ ही इसमें ईरान के 'पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास' के लिए 300 अरब डॉलर के कोष का प्रावधान किया गया है। हालांकि अमेरिका के लिए इसमें योगदान देना अनिवार्य नहीं है। यह समझौता अमेरिका-ईरान और इज़रायल के बीच टकराव शुरू होने के चार महीने बाद हुआ है।
ट्रंप प्रशासन ने इस समझौते को 'प्रदर्शन-आधारित' बताया है, जिसका मतलब है कि ईरान को तभी फायदा होगा जब वह अपने वादों का पालन करेगा।
रिपोर्ट के अनुसार समझौते के तहत ईरान में युद्ध समाप्त होगा और लेबनान में भी संघर्ष खत्म करने की बात कही गयी है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने की बात कही गयी है।
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