अमेठी , सितंबर 19 -- उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जिलाधिकारी संजय चौहान ने ग्राम पंचायत ठेंगहा में विकास कार्य में वित्तीय अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। प्रस्तावित स्थल के बजाय दूसरे स्थान पर इंटरलॉकिंग कार्य कराए जाने और शासकीय धनराशि के दुरुपयोग के मामले में ग्राम पंचायत की पूर्व प्रधान एवं प्रशासक सुदामा देवी को प्रशासक पद से हटाने के साथ उनसे 1,61,198 रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं। यह राशि भू-राजस्व की भांति वसूल की जाएगी।

जिलाधिकारी ने शनिवार को बताया कि विकासखंड संग्रामपुर की ग्राम पंचायत ठेंगहा में कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य को लेकर आशीष तिवारी, अनिल पाण्डेय व अन्य ग्रामीणों ने शिकायत की थी। शिकायत में ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया गया था।

उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि पारसनाथ सिंह के खेत से नरेंद्र सिंह के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य प्रस्तावित था, जबकि कार्य रामपाल के खेत से नरेंद्र की मशीन तक कराया गया। इस कार्य पर कुल 3,22,396 रुपये की धनराशि व्यय की गई।

जांच में तकनीकी स्थिति और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर वित्तीय अनियमितता पाए जाने के बाद पूर्व प्रधान एवं प्रशासक सुदामा देवी को प्रशासक पद से हटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही दुरुपयोग की गई 3,22,396 रुपये की धनराशि की आधी राशि 1,61,198 रुपये की वसूली भू-राजस्व की भांति किए जाने का आदेश पारित किया गया है।

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