अमेठी , सितंबर 10 -- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने गुरुवार को अमेठी में सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड दौरे के बाद कथित शुद्धिकरण के विरोध में यूथ कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंकने से रोकने पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस बुलानी पड़ी।
यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष शुभम सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय से तहसील की ओर पुतला फूंकने के लिए रवाना हुए। प्रदर्शनकारी राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने और कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। कार्यकर्ता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंकने और उनके इस्तीफे की मांग पर अड़े थे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के तहसील की ओर बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। प्रदर्शन को देखते हुए गौरीगंज और मुंशीगंज थाने की पुलिस पहले से तैनात थी। विवाद बढ़ने पर जामो थाने की फोर्स भी बुला ली गई। सीओ मनोज मिश्र ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
काफी देर तक गौरीगंज-जामो मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाद में प्रदर्शनकारी तहसील पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें वज्र वाहन में हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। प्रदर्शन में शामिल यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक शिवहरे ने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बाद भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर शुद्धिकरण किया। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जब इस मुद्दे को उठाया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया, जबकि कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी।
शिवहरे ने कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने तथा एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की भी मांग की। यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि वर्ष 2027 में ऐसे सभी लोगों के चेहरे याद रखे जाएंगे।
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