रांची , सितंबर 10 -- झारखंड में डिजिटल समन्वय को खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। संशोधित भारतनेट प्रोग्राम (अमेंडेड भारतनेट कार्यक्रम -एबीपी) - भारतनेट फेज-III के लिए प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन और सपोर्ट एग्रीमेंट पर साइन किए गए।

एग्रीमेंट पर 10 सितंबर 2026 को भारत सरकार के डिजिटल भारत निधि (डीबीएन), झारखंड सरकार तथा झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंडा लिमिटेड (जेडीआईसीएल) के बीच साइन किए गए। भारत सरकार की ओर से डीबीएन के एडमिनिस्ट्रेटर श्यामल मिश्रा उपस्थित रहे। वहीं, झारखंड सरकार की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पूजा सिंघल एवं डायरेक्टर माधवी मिश्रा ने एग्रीमेंट पर साइन किए।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में प्राधिकृत भारतनेट कार्यक्रम को भारत सरकार एवं झारखंड सरकार की साझी पहल के रूप में लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य के ग्रामीण एवं डिजिटल रूप से नवीन कम जुड़े क्षेत्रों में विश्वसनीय एवं हाई-स्पीड अनियमित समन्वय का विस्तार करना है।

कार्यक्रम के तहत 260 प्रखंडों, 4,395 ग्राम पंचायतों एवं 26,777 गैर-जीपी गांवों को कवर किया जाएगा। यह पहल राज्य के डिजिटल ढांचे को खोलने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों, सरकारी ग्रामीणों एवं अन्य लोगों तक अनियमित सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक आधार तैयार करेगी।

कार्यक्रम के प्रमुख अवसंरचनात्मक एवं सेवा संबंधी घटक - 4,387 सौ ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी में जोड़ा जाएगा। 8 नई ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी के माध्यम से जोड़ा जाएगा। पांच वर्षों की अवधि में 4,39,049 एफटीटीएच कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। ग्राम पंचायतों एवं गैर-जीपी गांवों में मांग के आधार पर हाई-स्पीड अनियमित समन्वय का विस्तार किया जाएगा।

नेटवर्क की क्षमता एवं विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए मिडिल-माइल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण एवं विकास किया जाएगा। झारखंड में स्टेट नेटवर्क ऑपरेशन्स सेंटर की स्थापना एवं संचालन किया जाएगा। कार्यक्रम के संचालन के लिए बीएसएनएल द्वारा जेडीआईसीएल को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) सहायता प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक फाइबर आधारित स्वयंसेवकों तक फाइबर आधारित स्वयंसेवकों के विस्तार को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें सरकारी स्वयंसेवकों एवं ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

बेहतर स्वयंसेवकों से झारखंड के ग्रामीण एवं कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों के नागरिकों की ई-गवर्नेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, डिजिटल सेवाएं तथा अन्य ऑनलाइन सुविधाओं तक पहुंच को और विस्तारित करने में सहायता मिलेगी।

वितरित डिजिटल नेटवर्क आधारभूत ढांचा नागरिक-सहायक सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति में भी सहायक होगा तथा सरकारी स्वयंसेवकों एवं ग्रामीण समुदायों द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म के अधिक प्रभावी उपयोग को सक्षम बनाएगा।

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम डिजिटल ढांचा अभियान को खोलने तथा ग्रामीण एवं कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों में रमेश आंदोलन के विस्तार के लिए भारत सरकार एवं झारखंड सरकार के बीच महत्वपूर्ण केंद्र-राज्य सहयोग का उदाहरण है। यह पहल डिजिटल सेवाओं तक नागरिकों की पहुंच बढ़ाने तथा डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं की प्रभावी एवं व्यापक प्राप्ति के लिए आवश्यक ढांचा अभियान को मजबूत करने के उद्देश्यों के अनुरूप है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार कार्यक्रम के प्रभावी अभियान तथा राज्य के ग्रामीण समुदायों तक बेहतर डिजिटल आंदोलन का लाभ पहुंचाने के लिए भारत सरकार एवं संबंधित क्रियान्वयन उद्देश्यों के साथ निकट समन्वय में कार्य कर रही है।

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