बैतूल , अगस्त 04 -- मध्य प्रदेश के बैतूल शहर की अमृत 2.0 जल प्रदाय परियोजना की धीमी प्रगति पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। भोपाल स्थित संयुक्त संचालक (यांत्रिकी प्रकोष्ठ) ने परियोजना की समीक्षा के बाद निर्माण एजेंसी को लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्यों में हो रही देरी से शहरवासियों को बेहतर पेयजल उपलब्ध कराने का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अमृत 2.0 योजना के तहत संचालित जल प्रदाय परियोजना के कई महत्वपूर्ण कार्य अब तक अधूरे हैं। समीक्षा में पाया गया कि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहे हैं, जबकि कई हिस्सों में काम शुरू भी नहीं किया गया है। इसके अलावा स्वीकृत कार्ययोजना के अनुरूप पर्याप्त संसाधन, मशीनरी और श्रमिक नहीं लगाए जाने से परियोजना की प्रगति प्रभावित हुई है।

अधिकारियों ने कहा कि अमृत 2.0 शासन की प्राथमिकता वाली योजना है, जिसका उद्देश्य शहर के प्रत्येक नागरिक को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है। ऐसे में निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्माण एजेंसी को सभी लंबित कार्यों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उन्हें समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा विस्तृत कार्ययोजना बनाकर उसके अनुरूप अमल करने के निर्देश दिए गए हैं।

समीक्षा के दौरान परियोजना की मॉनिटरिंग और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने में भी कमियां सामने आईं। विभाग ने एजेंसी को दैनिक और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि कार्यों की प्रभावी निगरानी की जा सके और समय-समय पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कार्यों की गति में शीघ्र सुधार नहीं हुआ और निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं किया गया तो संबंधित निर्माण एजेंसी के विरुद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

अमृत 2.0 योजना के तहत बैतूल शहर में पाइपलाइन विस्तार, जलाशयों का निर्माण तथा जल वितरण नेटवर्क को सुदृढ़ करने सहित अनेक विकास कार्य प्रस्तावित हैं। परियोजना पूर्ण होने के बाद शहर के हजारों परिवारों को नियमित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, लेकिन वर्तमान सुस्ती के कारण लोगों को योजना का लाभ मिलने में अभी कुछ और समय लग सकता है।

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