चंडीगढ़, 23 मार्च (वार्ता) पंजाब पुलिस ने वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को फतेहगढ़ साहिब जिले के मंडी गोबिंदगढ़ से, गिरफ्तार किया है।
मंत्री भुल्लर ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था । उन पर आरोप था कि उन्होंने अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के ज़िला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा को परेशान किया था। कथित तौर पर रंधावा ने उसी दिन ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली थी।
यह गिरफ़्तारी अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला द्वारा संसद में यह मुद्दा उठाए जाने के महज़ दो घंटे बाद हुई। इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया। श्री शाह सदन से बाहर निकलने ही वाले थे, तभी औजला ने उनसे अपनी बात सुनने का आग्रह किया। इस पर श्री शाह ने जवाब दिया कि यदि पंजाब के सभी सांसद मिलकर उन्हें एक लिखित अनुरोध सौंपते हैं, तो वह तत्काल सीबीआई जाँच के आदेश दे देंगे।
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने पुष्टि की कि लालजीत सिंह भुल्लर को मंडी गोबिंदगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (जांच) ने कहा कि भुल्लर को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने कथित तौर पर शनिवार तड़के जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। इसके बाद एक वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर भुल्लर द्वारा प्रताड़ित किए जाने का दावा किया था। इस विवाद के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर भुल्लर ने उसी दिन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
रंधावा के परिवार ने सोमवार को पंजाब सरकार को लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। परिवार ने स्पष्ट किया था कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, वे पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं देंगे। पुलिस ने शनिवार रात भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया था।
सोशल मीडिया पर आए वीडियो में रंधावा को यह कहते सुना गया, "खा लई 'सल्फास' तुम्हारे यार ने। मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से। अब मैं नहीं बचूंगा।"रंधावा की पत्नी कौर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार उनके पति पर वेयरहाउस का टेंडर भुल्लर के पिता के नाम करने के लिए लगातार दबाव डाला जा रहा था। टेंडर न देने पर उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी। 13 मार्च को रंधावा को भुल्लर के पट्टी स्थित आवास पर बुलाया गया, जहाँ कथित तौर पर उनके साथ मारपीट और अपमान किया गया। पत्नी का आरोप है कि रंधावा को बंदूक की नोक पर यह स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया कि उन्होंने किसी अन्य पार्टी को टेंडर देने के लिए 10 लाख रुपये लिए थे।
उल्लेखनीय है कि रविवार को शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया और आरोपी मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा प्रमुख रूप से शामिल हुए। नेताओं ने सरकार पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया था।
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