अमृतसर , अप्रैल 20 -- पंजाब में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सरहद पार और मध्य प्रदेश आधारित गैर-कानूनी हथियार सप्लाई मॉड्यूल के तीन मुलजिमों को छह पिस्तौलों समेत गिरफ्तार करके इस मॉड्यूल को बेअसर कर दिया है।

पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने सोमवार को बताया कि गिरफ्तार किये गये व्यक्तियों की पहचान दीपकसिंह उर्फ दीपू (22) निवासी कश्मीर एवेन्यू, अमृतसर; अरुण कुमार उर्फ साबू (26) निवासी नारायणगढ़, अमृतसर और सुखजिंदर सिंह उर्फ सुखा (29) निवासी रेहाना जट्टां, कपूरथला के रूप में हुई है। बरामद की गयी पिस्तौलों में एक .30 बोर पीएक्स5 पिस्तौल, तीन .32 बोर और दो .30 बोर पिस्तौलों समेत सात कारतूस शामिल हैं।

श्री यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता लगा है कि गिरफ्तार किये गये मुलजिम मध्य प्रदेश से गैर-कानूनी हथियार खरीदते थे। उन्होंने यह भी बताया कि उक्त आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पाकिस्तान आधारित तस्करों के संपर्क में थे, जो सरहद पार से ड्रोन के जरिए भेजे गये गैर-कानूनी हथियारों को अपने स्थानीय हैंडलरों के माध्यम से क्षेत्र में आपूर्ति कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह नेटवर्क माझा और दोआबा क्षेत्रोंमें सक्रिय रूप से काम कर रहा था।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि इस मामले में आगे-पीछे के संबंध स्थापित करने के लिए और जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पूर्ण रूप से खात्मा किया जा सके।

ऑपरेशन संबंधी विवरण साझा करते हुए पुलिस आयुक्त अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुख्ता जानकारी के आधार पर योजनाबद्ध ऑपरेशन के तहत पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए पहले दीपक उर्फदीपू को एक पिस्तौल समेत गिरफ्तार किया और बाद में उसकी निशानदेही पर दो और पिस्तौलें बरामद की गयीं। उन्होंने बताया कि दीपक के खुलासे पर उसके दो अन्य साथी अरुण उर्फ साबू और सुखजिंदर उर्फ सुखा को भी गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से तीन पिस्तौलें बरामद की गयीं।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह भी पता लगा है कि मुलजिमों ने ये गैर-कानूनी हथियार बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए खरीदे थे, जिसे पुलिस की मुस्तैद कार्रवाई ने सफलतापूर्वक टाल दिया है। उन्होंने कहा कि मुलजिम दीपक उर्फ दीपू और अरुण उर्फ साबू की पहले भी इरादतन कत्ल, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित मामलों में संलिप्तता है।इस संबंध में अमृतसर के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत केस दर्ज किया गया है।

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