अमृतसर , मई 20 -- पंजाब में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दुबई आधारित अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 किलोग्राम आइस (मेथामफेटामाइन) और चार किलो हेरोइन बरामद की है।
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बुधवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहित उर्फ बच्ची (19) निवासी गांव पवार, जालंधर और अरशदीप सिंह उर्फ अर्श उर्फ हरमन (23) निवासी कोट खालसा, अमृतसर के रूप में हुई है।
श्री यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी अबू धाबी/ दुबई में सक्रिय एक दुबई आधारित ड्रग तस्कर के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर पंजाब तथा दिल्ली में नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि आरोपी मोहित हाल ही में दुबई से लौटा था, जहां उसे कथित तौर पर हेरोइन और आइस की खेप पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था। आरोपी पंजाब के माझा और दोआबा क्षेत्रों में नशे की सप्लाई कर रहे थे।
ऑपरेशन की जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विशेष खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मोटरसाइकिल पर जाते समय गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से 10 किलोग्राम आइस और चार किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई।
पूछताछ में दुबई से लौटे मोहित ने खुलासा किया कि दुबई स्थित तस्कर मजदूर वर्ग के युवाओं को निशाना बनाकर उन्हें नशा तस्करी के लिए प्रेरित करता था। जांच में यह भी सामने आया कि अरशदीप पहले से ही नशा तस्करी में शामिल था और वह दुबई स्थित तस्कर के सीधे संपर्क में था। वह अज्ञात व्यक्तियों के जरिए भेजी गयी हेरोइन की खेप को अपने पास रखता था, जिसे बाद में मोहित को आगे सप्लाई के लिए सौंपा जाता था।
पुलिस के अनुसार इसी दुबई आधारित तस्कर के दो अन्य सहयोगियों साहिबप्रीत सिंह उर्फ साहिब और गगनदीप सिंह उर्फ गगन को फरवरी में 7.6 किलो हेरोइन और 21 हजार रुपये ड्रग मनी समेत गिरफ्तार किया गया था। वहीं, तस्कर की मां और बहन भी 42 किलोग्राम हेरोइन बरामदगी से जुड़े एनडीपीएस एक्ट के मामले में अमृतसर सेंट्रल जेल में बंद हैं।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के साथ-साथ आगे की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में थाना छेहरटा, अमृतसर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-सी और 29 के तहत एफआईआर दर्ज की गयी है।
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