कोलकाता , मई 06 -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को कोलकाता पहुंच रहे हैं जहां वह नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य पार्टी के विधायक दल के नेता का चयन करना है जो प्रभावी रूप से यह तय करेगा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा।
विधानसभा चुनावों में पार्टी की शानदार जीत के बाद, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने चयन प्रक्रिया के लिए श्री शाह को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है जबकि ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को सह-पर्यवेक्षक नामित किया गया।
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर तृणमूल कांग्रेस को उसके लंबे समय से चले आ रहे गढ़ से निर्णायक रूप से बाहर कर दिया है। परिणाम घोषित होने के एक दिन बाद, पार्टी ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर विधायक दल के नेता के चयन में श्री शाह की भूमिका की पुष्टि की।
यह प्रक्रिया भाजपा की चुनाव के बाद की मानक प्रक्रिया का अनुसरण करती है जिसके तहत केंद्रीय पर्यवेक्षकों को राज्यों में भेजा जाता है ताकि वे नवनिर्वाचित विधायकों से बैठकें कर सकें, जिनमें विधायक दल के नेता का औपचारिक रूप से चयन किया जाता है। पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने की संभावना के मद्देनजर इस बैठक में चुने गए नेता स्वतः ही मुख्यमंत्री बन जाएंगे।
यह पार्टी के लिए राज्य विधानसभा में विपक्ष से सत्ता पक्ष बनने का एक ऐतिहासिक बदलाव है। इसलिए आगामी बैठक का अलग महत्व है: इसमें न केवल विधानमंडल नेता का चयन होगा बल्कि बंगाल में नई सरकार के गठन को भी अंतिम रूप दिया जाएगा।
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