चंडीगढ़ , अप्रैल 14 -- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब में 'प्रॉक्सी' के जरिए शासन करने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड की सदस्यता को बाहरी लोगों के लिए खोलने के केंद्र सरकार के हालिया कदम पर कड़ा एतराज़ जताया और कहा कि अब तक इसकी सदस्यता केवल पंजाब और हरियाणा तक सीमित रही है।
राजा वडिंग ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से कहा कि यह केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के बचे हुए अधिकारों को कमजोर करने की एक और कोशिश है। उन्होंने कहा कि यह देश की संघीय संरचना पर सीधा हमला है, क्योंकि केंद्र धीरे-धीरे राज्यों के अधिकार क्षेत्र में दखल दे रहा है।
उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार लगातार पंजाब के अधिकारों पर हमला कर रही है, जबकि राज्य सरकार गहरी नींद में सोई हुई है। उन्होंने कहा कि पहले ब्यास बोर्ड का अध्यक्ष बाहरी व्यक्ति को बनाया गया, फिर केंद्र सरकार ने पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव खत्म करने और विश्वविद्यालय का नाम बदलने की कोशिश की, और अब बोर्ड की सदस्यता में भी पंजाब के अधिकार छीन लिये गये हैं। इसके अलावा उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा हरियाणा को केन्द्र शासित प्रदेश में विधानसभा भवन बनाने की अनुमति देने का भी जिक्र किया।
उनसे जब पूछा गया कि क्या वह इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की मांग करेंगे, तो उन्होंने कहा कि इससे कोई खास फायदा नहीं होता। सरकार सिर्फ प्रस्ताव पास कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है।
राजा वडिंग ने सुझाव दिया कि आम आदमी पार्टी सरकार को मजबूत कानूनी कदम उठाने चाहिए और उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे और जल्द ही केंद्र सरकार सतलुज यमुना लिंक कैनाल के जरिए पंजाब का पानी हरियाणा को देने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
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