चंडीगढ़ , अक्टूबर 20 -- पंजाब में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाबइकाई के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने नशा तस्करी और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से चार सवालों के जवाब मांगे हैं।

उन्होंने पूछा कि पाकिस्तान के साथ पंजाब की 543 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा से नशे की तस्करी रोकने में केंद्र क्यों नाकाम रहा, गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह तक 3,000 किलोग्राम तक की हेरोइन की खेप कैसे पहुंची और 2007 से 2017 के अकाली-भाजपा शासन के दौरान पंजाब में 'चिट्टा' तथा गैंगस्टर संस्कृति के मुद्दे पर भाजपा ने क्या कार्रवाई की थी। मंगलवार को प्रेस वार्ता में श्री अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार अपने कामकाज पर उठने वाले सवालों का जवाब देने को तैयार है, लेकिन केंद्र और भाजपा को भी अपने शासन के दौरान के रिकॉर्ड पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों के प्रति जवाबदेही केवल राज्य सरकार की नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की भी है।

श्री अरोड़ा ने कहा कि पाकिस्तान से लगती पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की है, जो केंद्र सरकार के अधीन काम करता है। इसके बावजूद सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी जारी है। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार ने इस तस्करी को रोकने और सीमा पार सक्रिय नेटवर्क को खत्म करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार ने सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी रोकने के लिए अपनी ओर से ड्रोन रोधी व्यवस्था मजबूत की है। श्री अरोड़ा ने कहा कि जब राज्य सरकार नशे की आपूर्ति रोकने के प्रयास कर रही है, तो केंद्र को भी सीमा सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा देना चाहिए।

आप नेता ने गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर हेरोइन की बड़ी खेप पकड़े जाने का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि भाजपा शासित राज्य में इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ कैसे पहुंचा और इसके पीछे के नेटवर्क के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशे की समस्या के लिए अकेले जिम्मेदार ठहराने के बजाय केंद्र को देश में नशीले पदार्थों की आपूर्ति के व्यापक नेटवर्क पर भी जवाब देना चाहिए।

श्री अरोड़ा ने 2007 से 2017 तक पंजाब में शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए पूछा कि उस दौरान नशे की समस्या और गैंगस्टर संस्कृति के उभार पर भाजपा ने क्या कदम उठाए थे। उन्होंने कहा कि उस समय भाजपा भी सरकार का हिस्सा थी, इसलिए वह अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान में गैंगस्टर नेटवर्क तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख करते हुए अमित शाह से भाजपा शासित राज्यों के हालात पर भी जवाब मांगा। अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी जवाबदेही का समान मानदंड लागू होना चाहिए।

मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या का जिक्र करते हुए अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाले नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।

श्री अरोड़ा ने लोगों से अपील की कि वे ऐसी दवाएं बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के बेचने वाली केमिस्ट और अन्य मेडिकल दुकानों की जानकारी सरकार को दें। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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