मुंबई , अगस्त 8 -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को यहां नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनयूसीएफडीसी) के नए मुख्यालय का उद्घाटन करने के बाद ऐलान करते हुए कहा कि इस निगम का मुख्यालय दिल्ली से मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया है।
मुंबई में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए श्री शाह ने कहा, "महाराष्ट्र में देश के सबसे अधिक शहरी सहकारी बैंक हैं और यहाँ सहकारिता आंदोलन भी सबसे पुराना है। वर्तमान में महाराष्ट्र में 449 सहकारी बैंक हैं, इसीलिए मैंने एनयूसीएफडीसी के मुख्यालय को दिल्ली से मुंबई स्थानांतरित करने का निर्णय लिया, क्योंकि महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और कर्नाटक मिलकर देश के 70 प्रतिशत सहकारी बैंकों का प्रतिनिधित्व करते हैं।"इससे पहले शाह ने भारत में शहरी सहकारी बैंकों के शीर्ष संगठन एनयूसीएफडीसी के साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र का भी शुभारंभ किया। मार्च 2024 में स्थापित और भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ पंजीकृत इस संस्थान का उद्देश्य परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के साथ-साथ सहकारी बैंकिंग क्षेत्र का डिजिटल कायाकल्प करना है।
अधिवेशन में बोलते हुए केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह ने कहा, "यह शीर्ष संगठन सहकारी बैंकों को नए बैंकिंग सुधारों के बारे में जानकारी प्रदान करेगा। यहां 'म्यूल हंटर' (अवैध धन के हस्तांतरण में इस्तेमाल होने वाले फर्जी खातों का पता लगाने वाला सॉफ्टवेयर) जैसी कई पहलें की गई हैं। इस संगठन की मदद से हम सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दे सकेंगे। सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को जनता और रिज़र्व बैंक दोनों से पारदर्शिता के ज़रिए विश्वास हासिल करने की बहुत ज़रूरत है।"श्री शाह ने कहा, "यह संगठन हमें बड़े बैंकों के साथ सीधे मुकाबले की दिशा दिखाएगा। मैं आप सभी को बताना चाहता हूं कि शहरी सहकारी बैंकों के हमारे आंदोलन को इस संगठन से एक बड़ा प्रोत्साहन मिलने जा रहा है। यह संस्था हमारी सहकारी बैंकिंग सेवाओं का आधुनिकीकरण करेगी और उन्हें पारदर्शी व विश्वसनीय बनाएगी। हम शहरी सहकारी बैंकों की अवधारणा का विकास और विस्तार करना चाहते हैं और आज उसी प्रयास की शुरुआत है।"मंच पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में श्री शाह ने घोषणा की कि शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की साइबर सुरक्षा, तकनीकी क्षमताओं और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के लिए एनयूसीएफडीसी और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
श्री शाह ने कहा, "अब केवल एक शाखा वाले हमारे शहरी सहकारी बैंक भी बिना किसी बड़े खर्च के अपने ग्राहकों को ये सभी सेवाएं देने में सक्षम होंगे, जिससे छोटे बैंकों के लिए भी विश्व स्तरीय बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच का रास्ता साफ होगा। जैसे-जैसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल लेनदेन बढ़ा है, वैसे-वैसे सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में भी धोखाधड़ी का खतरा बढ़ा है। ऑनलाइन बैंकिंग के क्षेत्र में फोरेंसिक विज्ञान के सहयोग के बिना न तो बैंक सुरक्षित रहेंगे और न ही हमारे ग्राहक। इसीलिए मैंने एनयूसीएफडीसी से राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के साथ समझौता करने का आग्रह किया ताकि सहकारी बैंकों के माध्यम से होने वाले लेनदेन को सुरक्षित किया जा सके।"श्री शाह ने कहा, "हमारे फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय ने इस क्षेत्र में वैश्विक विशेषज्ञता हासिल की है और देश के कई बैंकों को पेशेवर तरीके से अपनी सेवाएँ दे रहा है। आज हुए समझौते से यह सुनिश्चित होगा कि हमारा सबसे छोटा बैंक भी बहुत कम लागत पर सुरक्षित सेवाएँ दे सकेगा। यह पहल साइबर सुरक्षा, डिजिटल फोरेंसिक, कर्मचारी प्रशिक्षण और अनुसंधान को एक साथ लाएगी। साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र के ज़रिए 'बैंक-इन-अ-बॉक्स' पहल लागू की जाएगी। नए कार्यालय के उद्घाटन के साथ ही कोर बैंकिंग सेवाओं, साझा भुगतान सेवाओं, ऋण स्वीकृति, सहकार क्लाउड और साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र के साथ-साथ म्यूल हंटर, एआई और साइबर बीमा जैसी कई पहलों का एकीकरण देखने को मिलेगा।"श्री शाह ने कहा कि यह साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र सभी शहरी सहकारी बैंकों को 24 घंटे साइबर निगरानी, त्वरित मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान करेगा।
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