सिलीगुड़ी , जुलाई 18 -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भारत-बांग्लादेश सीमा पर फुलबारी के पास झुमागाछ सीमा-चौकी (बीओपी) का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए 77.06 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

श्री शाह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, राज्य के वित्त राज्य मंत्री, बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार, और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीमा पर लगी बाड़ का निरीक्षण किया और सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए एक बुर्ज पर चढ़े।

उन्होंने दूरबीन की मदद से सीमा की बनावट को देखा और मौजूदा बाड़ लगाने की प्रणाली, निगरानी तंत्र और सीमा प्रबंधन की समग्र रणनीति के बारे में जानकारी ली। बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत-बांग्लादेश सीमा के प्रबंधन पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें घुसपैठ, सीमा पार तस्करी और अन्य सुरक्षा चुनौतियों को रोकने के उपायों पर बात की गई।

गृह मंत्री को बल द्वारा तैनात आधुनिक हथियार, नाइट-विजन उपकरण और अन्य परिचालन संसाधन भी दिखाए गए। श्री शाह ने सीमा-चौकी पर एक पौधा लगाया और फिर महिला अधिकारियों सहित बीएसएफ जवानों के साथ चाय पर बातचीत की। उन्होंने उनके अनुभव और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी ली।

श्री शाह ने सीमा चौकी से ऑनलाइन 77.06 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार चर्चा सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विशेष रूप से बाड़ लगाने के लिए जमीन की उपलब्धता पर भी केंद्रित रही।

राज्य सरकार ने उत्तर बंगाल के जिलों सहित भारत-बांग्लादेश सीमा के कई सेक्टरों में बाड़ लगाने के लिए आवश्यक भूमि के हस्तांतरण में मदद की है, जिससे महत्वपूर्ण सुरक्षा बुनियादी ढांचे के काम में तेजी आई है। गृहमंत्री का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर बंगाल रणनीतिक रूप से अहम सिलीगुड़ी गलियारे का हिस्सा है, जिसे आमतौर पर 'चिकन नेक' के नाम से जाना जाता है और जो देश के पूर्वोत्तर राज्यों को बाकी भारत से जोड़ता है।

गौरतलब है कि श्री शाह शुक्रवार रात बागडोगरा हवाई अड्डे पहुंचे और कदमतला स्थित बीएसएफ के उत्तर बंगाल सीमांत मुख्यालय में रुके। वे शनिवार की सुबह मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के बाद सड़क मार्ग से झुमागाछ सीमा-चौकी पहुंचे। गृह मंत्री बाद में सिलीगुड़ी में पश्चिम बंगाल सरकार के शाखा सचिवालय 'उत्तरकन्या' गए। वहां उन्होंने जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधीक्षकों, राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों और सीमावर्ती जिलों की केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ कई उच्च-स्तरीय बैठके कीं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित