पुडुचेरी , अगस्त 09 -- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को पुडुचेरी पुलिस को 'प्रेसिडेंट्स कलर्स' (राष्ट्रपति का ध्वज) सौंपते हुए कहा कि यह पुलिस बल की बहादुरी, कड़ी मेहनत और समर्पण का सबूत है।
उन्होंने पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करने के बाद गोरीमेडु स्थित पुलिस प्रशिक्षण परिसर में आयोजित एक समारोह में पुडुचेरी पुलिस बल के ध्वजवाहक अधिकारी को 'प्रेसिडेंट्स कलर्स' सौंपा। इस समारोह में उप-राज्यपाल के. कैलाशनाथन, मुख्यमंत्री एन. रंगासामी और पुलिस महानिदेशक शालिनी सिंह भी मौजूद थी।
श्री शाह ने अपने संबोधन में कहा, "किसी भी अनुशासित बल के लिए 'प्रेसिडेंट्स कलर्स' प्राप्त करना सबसे बड़ा सम्मान है। पुडुचेरी पुलिस को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर मैं पुडुचेरी के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार, पुलिस बल और पुडुचेरी की जनता को हार्दिक बधाई देता हूं।" पुडुचेरी पुलिस की बहादुरी का प्रतीक यह निशान आज गर्व के साथ लहरा रहा है। गौरतलब है कि पुडुचेरी पुलिस भौगोलिक रूप से अलग-अलग चार क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाती है।
पुडुचेरी पुलिस अपनी कम संख्या के बावजूद अपनी बहादुरी, सेवा और समर्पण के जरिए पुडुचेरी की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभा रही है और साथ ही अपनी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को भी संजोए हुए है। श्री शाह ने पुडुचेरी को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक बताते हुए कहा कि लंबे समय तक फ्रांसीसी शासन के अधीन रहने के बावजूद पुडुचेरी ने अपनी भारतीय पहचान और आध्यात्मिक जीवंतता को बनाए रखा है।
पुडुचेरी पुलिस को यह प्रतिष्ठित सम्मान उसकी कड़ी मेहनत, बहादुरी, सेवा और समर्पण के लिए मिला है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक फ्रांसीसी शासन के अधीन रहने के बावजूद पुडुचेरी ने अपनी भारतीय पहचान और आध्यात्मिक जीवंतता को बनाए रखा है। पुडुचेरी में 1 अक्टूबर, 1963 को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का पद बनाया गया था और तब से पुडुचेरी पुलिस ने इस सीमावर्ती क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अंग्रेजों द्वारा बनाए गए दंड कानूनों की जगह तीन नये आपराधिक कानून लागू किए हैं। ये नये कानून केवल सजा देने वाले नहीं हैं बल्कि इनका उद्देश्य नागरिकों को तकनीक-आधारित और समयबद्ध तरीके से न्याय दिलाना है।
उन्होंने बताया कि नये आपराधिक कानून तीन स्तंभों तकनीक, समय-सीमा और विश्वास पर आधारित हैं। श्री शाह ने कहा कि श्री मोदी ने पिछले 12 वर्षों में केंद्र शासित प्रदेशों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पुडुचेरी के लोगों के लिए और इस केंद्र शासित प्रदेश को मजबूत करने के लिए कई विकास परियोजनाएं शुरू की हैं। राष्ट्रीय उच्चपथ 332-A को चार-लेन का बनाने का काम 2,200 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। केंद्र ने यहां एक बड़ा रनवे भी बनाया है, जो लगभग 3,400 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा है।
श्री शाह ने कहा कि 1950 से 2014 तक केंद्र सरकार ने पुडुचेरी को विकास कार्यों के लिए केवल 3,500 करोड़ रुपये दिए थे। मोदी सरकार ने वर्ष 2014 से 2026 के बीच पुडुचेरी के विकास के लिए 13,762 करोड़ रुपये दिए हैं, जो पहले दी गई राशि का लगभग चार गुना है।
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