अमृतसर, अक्टूबर 16 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से पंजाब में नशे, गिरोहबंदी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर जताई गई चिंता को जायज बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपनी सरकार के कामकाज पर जवाब देने की मांग की है।

प्रो ख्याला ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार की जवाबदेही तय करने के बजाय केंद्र पर आरोप लगाकर अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को बयानबाजी नहीं, बल्कि तस्करों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई, अपराधियों को मिलने वाले कथित राजनीतिक संरक्षण का अंत और लोगों की सुरक्षा की गारंटी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 50 किलोमीटर के अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। उन्होंने सवाल किया कि जब पंजाब पुलिस के पास 'बाज अख' नामक एंटी-ड्रोन प्रणाली है, तो सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में इसकी भूमिका क्या है।

प्रो ख्याला ने दावा किया कि बीएसएफ ने 15 किलोग्राम हेरोइन के साथ पंजाब पुलिस की एंटी-ड्रोन प्रणाली 'बाज अख' में तैनात एक कर्मचारी को पकड़ा है। उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, ताकि पता चल सके किनशीले पदार्थ तस्करी के नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है और सरकारी तंत्र की क्या भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि गुजरात के कांडला बंदरगाह पर नशीले पदार्थों की बरामदगी का हवाला देकर पंजाब सरकार राज्य में नशे की समस्या के प्रति अपनी जवाबदेही से मुक्त नहीं हो सकती। उनके अनुसार, राज्य में नशे की आपूर्ति रोकना, युवाओं को नशे से बचाना और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

प्रो ख्याला ने दिड़बा की घटना और परविंदर सिंह झोटा की हत्या का उल्लेख करते हुए इन मामलों में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी राजनीतिक नेता या सरकारी अधिकारी का संरक्षण सामने आता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता ने दोहराया कि मुख्यमंत्री को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय नशे और अपराध पर अपनी सरकार की जवाबदेही तय करते हुए ठोस परिणाम सामने रखने चाहिए।

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