, April 17 -- श्री शाह ने कहा कि कई बार महिला आरक्षण विधेयक लाया गया लेकिन बार बार एक ही तरह की पार्टी ने इसका विरोध किया और इसीलिए 2023 से पहले महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हो सका। उस समय कांग्रेस को लगता था कि इसका विरोध नहीं कर पाएगी इसीलिए 2024 के चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इसका समर्थन किया लेकिन आज फिर अगर मगर कर इस विधेयक का विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 17वीं लोक सभा में रिकार्ड महिलाएं चुनकर आई और 18वीं लोकसभा में 75 सदस्य चुनकर आई हैं।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े राजनीति में आने की हमारी नारी शक्ति के उत्साह का प्रदर्शन करते हैं और जब भी उन्हें मौका मिला है तो उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि तीन दशक तक महिला आरक्षण को टालने वाल दल आज फिर इस विधेयक को लागू करने के मार्ग में किंतु और परंतु का व्यवधान खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में पंचायती राज संस्थानों में 14 लाख महिलाएं काम कर चुकी हैं।
गृहमंत्री ने संकल्प दोहराया कि उनकी सरकार महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था करके रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 370 समाप्त करने से लेकर, आपरेशन सिंदूर, तलाक, सीएए जैसे जो भी अच्छे काम किये हैं कांग्रेस उसका विरोध करती रही है और अब महिला आरक्षण का भी विरोध कर रही है।
उन्होंने कहा कि इसमें परिसीमन का जो प्रावधान है उसके अनुसार लोकसभा में 550 सदस्यों की संख्या 850 हो जाएगी। इस विधेयक में जो भी प्रावधान किये जा रहे हैं उनका मकसद संसद और राज्य विधानसभाओं में सदस्यों की संख्या 50 प्रतिशत बढेगी। उन्होंने कहा कि इस सदन में सबने मिलकर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया है लेकिन कांग्रेस पार्टी उससे पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि श्रेय के लिए महिला आरक्षण व्यवस्था को लटकाने की कोशिश की जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित