बिजनौर/मुरादाबाद , नवंबर 01 -- उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में रविवार को जंगल सफारी के शीतकालीन सत्र 2026-27 का विधिवत शुभारंभ हो गया।
पर्यटकों की भारी मांग को ध्यान में रखते हुए इस बार सफारी सत्र निर्धारित समय से 15 दिन पूर्व शुरू किया गया है, जिसका संचालन जून 2027 तक जारी रहेगा।
मुरादाबाद मंडलायुक्त संगीता सिंह ने बिजनौर स्थित केहरीपुर रेंज कार्यालय पर आज आयोजित समारोह में फीता काटकर और सफारी जिप्सी को हरी झंडी दिखाकर सत्र का उद्घाटन किया।
गौरतलब है कि आमतौर पर सफारी का संचालन 15 नवंबर से शुरू होता था, लेकिन इस बार इसे समय से पहले ही पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। मंडलायुक्त ने बताया कि उत्तराखंड के प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटा अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एक अत्यंत महत्वपूर्ण वन क्षेत्र है, जहाँ बाघ, हाथी और तेंदुए समेत 6,524 से अधिक वन्यजीव मौजूद हैं। जंगल सफारी शुरू होने से क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों के स्थानीय युवाओं को गाइड, चालक एवं पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
जिला वन अधिकारी (डीएफओ) जय सिंह कुशवाह ने जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए कुल आठ जिप्सियों का संचालन तय किया गया है। सफारी के लिए केहरीपुर गेट से झिरना गेट तक लगभग 32 किलोमीटर का रूट निर्धारित किया गया है, जिसे तय करने में करीब तीन से साढ़े तीन घंटे का समय लगेगा। सफारी का समय सुबह 6:00 बजे से 9:30 बजे और दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक रहेगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक, वन संरक्षक मुरादाबाद, डीएफओ जय सिंह कुशवाह, क्षेत्रीय वनाधिकारी अंकिता किशोर, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर एआर रहमान तथा बाघ मित्र अजमेर सिंह समेत वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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