अमरोहा , मई 18 -- उत्तर प्रदेश में अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक निःसंतान महिला की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी गयी। मृतका के हाथ-पैर बंधे मिले तथा उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। पुलिस ने मामले में संपत्ति विवाद को हत्या की मुख्य वजह मानते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पोरारा गांव निवासी जावित्री (40) माता-पिता की मृत्यु के बाद अपने पैतृक मकान में अकेली रह रही थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने के बाद घर में रखी गुल्लक तोड़कर उसमें मौजूद नकदी भी निकाल ली। ग्रामीणों के मुताबिक जावित्री निःसंतान थी। करीब पांच वर्ष पहले उसने अपने छोटे भाई टेकचंद की बेटी शिवानी को गोद लिया था, लेकिन पारिवारिक विवाद के चलते बच्ची को वापस ले लिया गया। बाद में उसने अपने ममेरे भाई राकेश के यहां से भी एक बच्ची को गोद लिया था।

मृतका के पिता कल्याण सिंह प्राथमिक विद्यालय पथरा में शिक्षक थे और सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपनी बेटी के भरण-पोषण के लिए करीब पांच बीघा जमीन उसके नाम कर दी थी। करीब एक वर्ष पहले पिता और आठ माह पूर्व माता चंद्रवती की मृत्यु के बाद जावित्री घर में अकेली रह रही थी।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जावित्री का पहला विवाह गंगेश्वरी निवासी देवदत्त से हुआ था, लेकिन संतान न होने के कारण रिश्ता टूट गया। बाद में उसकी दूसरी शादी बुलंदशहर के खुर्जा निवासी कन्हैया से हुई, लेकिन वह विवाह भी सफल नहीं रहा। इसके बाद उसके माता-पिता ने गांव में नया मकान बनवाकर उसे अपने साथ रख लिया था।

घटना का खुलासा सोमवार सुबह उस समय हुआ जब पड़ोस में रहने वाली रानी नामक महिला रोज की तरह दूध देने उसके घर पहुंची। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलने पर पड़ोसियों ने छत के रास्ते अंदर झांका, जहां जावित्री का शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया।

घटनास्थल पर फील्ड यूनिट, एसओजी और डॉग स्क्वायड की टीमों को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस के अनुसार मृतका के शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि महिला ने हमलावरों का विरोध किया था।

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