अमरोहा , जुलाई 13 -- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि विदेशी कृषि उत्पादों के अंधाधुंध आयात से देश के मूल किसानों की आय पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, इसलिए सरकार को कॉरपोरेट हितों के बजाय देश के किसानों को प्राथमिकता देते हुए इस समझौते पर तत्काल पुनर्विचार करना चाहिए। सोमवार को किसानों की अधिगृहीत जमीनों का उचित मुआवजा और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ मोटरसाइकिल रैली निकालकर जनजागरण अभियान के तहत किसानों की दुश्वारियों से लोगों को अवगत कराया। गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण में कम मुआवजा मिलने, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) की प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण योजना और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में तहसील मुख्यालय पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता डूंगर सिंह ने कहा कि अमरोहा जनपद के 62 गांवों की अत्यंत उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण बाजार मूल्य से काफी कम दरों पर किया जा रहा है, जिससे अन्नदाता को अपनी ही जमीन का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने पुरजोर मांग की कि भूमि का वर्तमान बाजार मूल्य नए सिरे से निर्धारित कर किसानों को चार गुना मुआवजा दिया जाए और सर्किल रेट निर्धारण समिति में किसान प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। डूंगर सिंह ने चेतावनी दी कि मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण से भी हजारों किसान बेघर और भूमिहीन होने की कगार पर पहुंच जाएंगे, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि विदेशी कृषि उत्पादों के अंधाधुंध आयात से देश के मूल किसानों की आय पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, इसलिए सरकार को कॉरपोरेट हितों के बजाय देश के किसानों को प्राथमिकता देते हुए इस समझौते पर तत्काल पुनर्विचार करना चाहिए।
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