अमरोहा, मई 07 -- उत्तर प्रदेश में अमरोहा जिले की एक अदालत ने मंदबुद्धि किशोरी को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म करने और जबरन शादी करने के गंभीर मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुये उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है।
अभियोजन अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायालय पोक्सो-तृतीय नसीमा ख़ानम ने आरोपी कुंअरपाल उर्फ काले को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने अभियुक्त पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे पूरी तरह से पीड़िता को देने के आदेश पारित किए गए हैं।
मामले का विवरण देते हुए विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी ने बृहस्पतिवार को बताया कि घटना लगभग दो वर्ष पूर्व की है, जब 16 अप्रैल 2024 को उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के थाना डिडौली क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने मानसिक रूप से अस्वस्थ 13 वर्षीया पुत्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया था कि उसकी पुत्री 12 अप्रैल 2024 को घर से लापता हो गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सहारनपुर जिले के थाना तीतरो अंतर्गत ग्राम पूजना निवासी कुंअरपाल उर्फ काले के घर से किशोरी को गर्भवती अवस्था में बरामद किया था। बरामदगी के बाद पीड़िता ने एक नवजात शिशु को जन्म दिया, जिसके उपरांत पुलिस ने आरोपी, पीड़िता और नवजात का डीएनए परीक्षण कराया और आरोपी के विरुद्ध पोक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट व दुष्कर्म की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
अभियोजन द्वारा न्यायालय में पेश किए गए गवाहों और साक्ष्यों पर आधारित मामले की क्रूरता को अदालत के समक्ष पैरवी करते स्पष्ट किया। पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि वह अमरोहा रेलवे स्टेशन से गलती से दिल्ली पहुंच गई थी, जहां उसे अधेड़ उम्र कुंअरपाल नामक व्यक्ति मिला। अभियुक्त उसे जबरन बस में बैठाकर अपने घर ले गया और परिजनों के सामने ही मांग में जबरन सिंदूर भरकर दिया था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे एक कमरे में बंधक बनाकर रखा जाता था और विरोध करने पर अभियुक्त शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करता था। इसी प्रताड़ना और दुष्कर्म के दौरान वह गर्भवती हुई थी।
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